जिले में 14 दिन पहले यानी 20 मई तक सब ठीक था। देहली गेट का अकेला उस्मानपाड़ा ही वह इलाका है, जिसकी वजह से अपना जिला रेड जोन में शामिल हुआ। इस इलाके की वजह से समूचे देहली गेट क्षेत्र को क्वारंटीन हुए आज रविवार को 14 दिन पूरे हो गए। अगर हम वहां के हालात पर नजर डालें तो घरों में कैद लोगों की कहानी बेहद दर्द भरी है। वहां लोगों की जरा सी लापरवाही ने उन्हें परेशानी में डाल दिया है। अगर पहला मरीज मिलने पर लोगों ने लापरवाही न बरती होती तो 14 दिन बाद यानी आज से शायद इस इलाके को भी कुछ छूट मिलने लगती। मगर, लापरवाही की इंतिहा तब सामने आई, जब मरीजों के मिलने का क्रम जारी रहा।
अब यहां लोग दहशत के साये में जी रहे हैं। बस एक ही डर सता रहा है कि पता नहीं कब किस घर में कोरोना मरीज सामने आ जाए। सोमवार से लॉकडाउन 3.0 शुरू होने जा रहा है। उस्मानपाड़ा यह सबक जरूर दे रहा है कि अगर अब भी न माने तो कहीं हमारे इलाके के भी यही हालात न हो जाएं और हमारे अपने भी किसी परेशानी में न पढ़ जाएं। इसलिए जरूरी है कि लोग लॉकडाउन 3.0 में लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग का और ज्यादा सख्ती से पालन करें।
341 लोगों की जांच के बाद ही उस्मानपाड़ा को क्वारंटीन से मिलेगी छूट
उस्मानपाड़ा रेड जोन से जल्द ही ऑरेंज जोन में शामिल हो सकता है। इलाके की 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी हो गई है। इलाके में मिले कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के प्राइमरी कांटेक्ट में आए करीब 341 लोगों की फिर से कोरोना जांच कराई जाएगी। यह जांच एक बार नहीं बल्कि दो बार होगी। दोनों रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इलाके को रेड जोन से निकालकर ऑरेंज जोन घोषित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि एक दर्जन से अधिक केस मिलने की स्थिति में उस्मानपाड़ा पिछले 14 दिन से रेड जोन में शामिल है। मृत मीट कारोबारी के संपर्क में आए लोगों के कोरोना पॉजिटिव मिलने का सिलसिला शनिवार तक जारी रहा। रविवार को कोई भी नया केस सामने नहीं आया है। इस पर निर्णय लिया गया है कि इलाके को रेड जोन की श्रेणी से बाहर निकाला जा सकता है। बशर्ते यहां जिन 341 लोगों की सैंपलिंग पहले कराकर जांच कराई गई थी। उनकी फिर से जांच कराई जाएगी। सीएमओ को इसका जिम्मा सौंपा गया है। दो से तीन दिन के भीतर यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिणामों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
पुलिसकर्मियों को काढ़ा पिलाकर बढ़ाई जा रही इम्युनिटी पावर
सर्किल प्रथम के देहली गेट और कोतवाली क्षेत्र में कोरोना का खौफ सर्वाधिक है। इस इलाके में जगह-जगह बैरियर और पुलिस पिकेट लोगों को घरों में कैद रखने के लिए लगी हुई हैं, जहां पुलिसकर्मियों की राउंड द क्लॉक दो शिफ्टों में ड्यटी रहती है। यहां तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों के लिए कोतवाली ऊपरकोट में इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह द्वारा आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों से निर्मित काढ़ा नियमित बनवाया जा रहा है, जिसका दिन में और रात में एक-एक बार पुलिसकर्मियों को वितरण कराया जाता है। यह सब पुलिसकर्मियों में इम्युनिटी पावर बरकरार रखने और उनका मनोबल बढ़ाए रखने के इरादे से किया जा रहा है। इसके अलावा उनको सुरक्षा किट भी जिला स्तर से मुहैया कराई गई हैं।
- हमारी लोगों से बार-बार एक ही अपील है कि घरों में रहें, लॉकडाउन व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। खुद ही क्वारंटीन होकर रहें। क्या फायदा कि कहीं से कोरोना संक्रमण आए और फिर खुद को व परिवार को परेशानी हो। लोगों को उस्मानपाड़ा से सबक लेना चाहिए। अगर खुद को और अपनों को सुरक्षित रखना है तो लॉकडाउन 3.0 को और ज्यादा सतर्कता से पालन करना होगा। - चंद्रभूषण सिंह, जिलाधिकारी
- पुलिस प्रशासनिक स्तर से लगातार लोगों को सलाह दी जा रही है। इसके बावजूद लोगों के स्तर से बरती गई लापरवाही का नतीजा उस्मानपाड़ा है। शहर के अन्य हिस्सों के लोगों से एक ही अपील है कि वह लॉकडाउन 3.0 में और ज्याद सतर्क रहकर घरों में रहें और सुरक्षित रहें अन्यथा उन्हें किसी भी समय उस्मानपाड़ा जैसी दिक्कत से दो चार होना पड़ सकता है। पुलिस प्रशासन हमेशा उनके साथ है। - मुनिराज जी, एसएसपी