जिले की सरकारी गोशालाओं में भूसे की किल्लत होने लगी है। अधिकांश गोशालाओं के पास महज एक से डेढ़ माह का ही भंडार बचा है। दरअसल, 500-700 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला भूसा इस समय 1200 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल में बिक रहा है। ऐसे में सरकारी गोशाला संचालकों को भूसे का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। पशु पालन विभाग भी दानवीरों से भूसा दान करने की अपील कर रहा है। वहीं, गोशालाओं को हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए कवायद शुरू हो गई है।
जिले में 160 सरकारी गोशालाएं संचालित हैं। इन गोशालाओं में करीब 30 हजार गोवंश है। सरकार एक गोवंश के चारे व पानी पर 30 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अनुदान देती है। भूसे का कम उत्पादन होने के कारण दाम दो से तीन गुने तक बढ़ चुके हैं और 1200 से 1500 रुपये प्रति क्विंटल में भूसा मिल रहा है। गोशाला संचालकों के सामने भूसे का संकट खड़ा होने लगा है। अधिकांश गोशालाओं में महज एक से डेढ़ महीने का ही भूसा बचा है। ऐसे में आने वाले दिनों में गोशाला संचालकों के समक्ष संकट खड़ा हो सकता है।
स्वस्थ पशु की ये होनी चाहिए खुराक
पशुपालन विभाग के अनुसार, एक स्वस्थ पशु को एक दिन में छह से नौ किलोग्राम सूखा भूसा व 20 से 25 किलो ग्राम हरा चारा देना चाहिए। साथ ही, डेढ़ किलो दाना भी खिलाना चाहिए। तीन लीटर दूध देने वाली गाय को एक किलो दाना और भैंस को ढाई किलो दाना देना चाहिए। यदि गाय व भैंस तीन लीटर से अधिक दूध देती है तो दाने की मात्रा बढ़ानी चाहिए। तीन माह से अधिक गर्भवती गाय को एक किलो दाना और भैंस को डेढ़ किलो दाना देना चाहिए।
दान में मिला पांच हजार क्विंटल भूसा
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सीबी सिंह ने बताया कि जिले से बाहर भूसा ले जाने व उसकी बिक्री करने पर जिला प्रशासन ने पहले से ही रोक लगा रखी है। भूसे की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की मदद ली जाएगी। लोगों से गोशालाओं को भूसा दान करने की अपील की जा रही है। साथ ही, किसानों से हरे चारे की अधिक बुआई करने के लिए कहा जा रहा है। अभी तक गांवों से पांच हजार क्विंटल भूसा दान में मिल चुका है।
हरे चारे का किया जा रहा इंतजाम
अलीगढ़। जिले में पहली बार गोशालाओं के लिए 228 हेक्टेयर की जमीन हरे चारे के लिए चिह्नित की गई है। अब तक करीब 35.18 हेक्टेयर जमीन में बुवाई हो चुकी है। जुलाई तक चारा तैयार हो जाएगा। देहात की 130 गोशालाओं को यह चारा उपलब्ध कराया जाएगा। जिला पंचायत राज विभाग, पशुपालन विभाग व राजस्व विभाग संयुक्त रूप से इसकी कवायद कर रहे हैं। सीडीओ अंकित खंडेलवाल ने बताया कि भूसे के रेट काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में गोशालाओं में मौजूद गोवंश को पर्याप्त भूसा नहीं मिल पा रहा है। हर गोशाला के लिए चारागाह स्थलों को आवंटित किया गया है। संवाद
ये है स्थिति
जिले में कुल पशु - 17 लाख
गोवंश -2,02813
महीषवंश - 11,30,904
सरकारी गोशालाएं- 160
ब्लॉक वार हर चारे के लिए आवंटित क्षेत्र
ब्लॉक गोशालाएं आवंटित क्षेत्र (हेक्टेयर)
लोधा 16 14.53
अकराबाद 04 04.20
खैर 10 22.26
गंगीरी 07 33.52
अतरौली 04 04.19
चंडौस 18 14.50
टप्पल 12 40.21
धनीपुर 07 03.40
इगलास 14 18.05
गौंड़ा 10 21.48
बिजौली 14 18.66
जवां 14 08.17