सराय हरनारायण में स्थित पोखर में एक तरफ गोबर की परत जमी हुई है तो दूसरी तरफ लोगों को कब्जा।
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शहर में जमीनों की कीमतें आसमान पर हैं। ऐसे में लोगों की नजर पोखरों की बेशकीमती जमीनों पर लगी हुई हैं। नगर निगम और राजस्व विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते लगातार अवैध कब्जे हो रहे हैं। स्थिति यह है कि बड़ी संख्या में कीमती जमीन को अवैध तरीके से बेच दिया गया है। सासनीगेट इलाके के सराय हरनारायण में बनी पोखर पर पिछले कई सालों से स्थानीय लोगों ने स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण कर कब्जा जमा रखा है। नगर निगम कई बार यहां से अतिक्रमण हटवाने की औपचारिकता पूरी कर चुका है। बावजूद इसके अतिक्रमण करने वाले लोग फिर से कब्जा कर लेते हैँ। सरकारी अभिलेखों के अनुसार यहां बनी पोखर का करीब 25 बीघा क्षेत्रफल है। जबकि अब अवैध कब्जों व अतिक्रमण के चलते यह मात्र आठ-दस बीघा तक सिमट कर रह गई है।
पोखर की इस जमीन पर कुछ लोगों ने अपने मकान और दुकान बनवा लिए हैं। कुछ लोगों ने यहां पशुओं को बांधने के साथ ही उपले, लकड़ी आदि डालकर अस्थायी कब्जा कर लिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से पोखर की खुदाई व सफाई तक नहीं हो सकी है। शिकायत करने के बावजूद नगर निगम व राजस्व विभाग से जुड़े अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
पोखर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। इससे मच्छरों का काफी प्रकोप है। अवैध कब्जों के चलते पोखर काफी छोटी हो गई है। इससे जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है।
- सुभाष कुमार, सराय हरनारायण
पोखर पर हो रहे अतिक्रमण के चलते गंदा पानी घरों में घुस जाता है। नगर निगम व राजस्व विभाग से जुड़े अफसरों को कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- कालीचरण, सराय हरनारायण
पोखर पर हो रहे अवैध कब्जों को हटवाने के साथ ही इसकी बारिश से पहले सफाई करायी जाएगी, ताकि जलभराव की समस्या से निजात मिल सके।
- गौरांग राठी, नगर आयुक्त नगर निगम