अगर आप बाजार से घरों में आने वाले दूध व देसी घी के बलबूते अपने बच्चों की सेहत बनाने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए। खाद्य विभाग के नमूनों की जांच रिपोर्ट में दूध अधोमानक पाया गया तो देसी घी में मिलावट पाई गई है। दूध और घी बच्चों से लेकर बड़ों तक हर व्यक्ति के दैनिक आहार का हिस्सा है। इसमें चंद रुपयों की खातिर मिलावटखोर आमजन की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। मिलावटखोरों से अब तक 1.45 करोड़ रुपये बतौर जुर्माना भी वसूला जा चुका है।
प्रयोगशाला की जांच में खुल रही पोल
जिले में हर खाद्य पदार्थ में मिलावटखोरी हो रही है। दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, मिर्च पाउडर, गरम मसाला समेत कई खाद्य पदार्थ जांच में एक बार फिर खतरनाक मिले हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने होटल, किराना दुकान, बेकरी, मिठाई की दुकान, डेयरी समेत अन्य स्थानों से छापामारी में खाद्य पदार्थ के कुल 490 सैंपल लिए गए। इनमें से 109 खाद्य पदार्थ अधोमानक तो 56 स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद घातक मिले हैं। सरकार की लैब से जो रिपोर्ट आई है, उसमें दूध व घी भी मानक पर खरे नहीं उतरे हैं। बाजार में मिलने वाला मिर्च पाउडर, मिक्चर आदि मिस ब्रांड साबित हुए हैं। जांच में निर्धारित खाद्य तत्व में कमी और उसे पूरा करने के लिए केमिकल का उपयोग ज्यादा मात्रा में करना पाया गया है। खाद्य विभाग की तरफ से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए थे। अब इनकी रिपोर्ट आ गई है। जांच रिपोर्ट में दूध, देसी घी व गुटका के सैंपल फेल हो गए हैं। देसी घी में वनस्पति की मिलावट पाई गई है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। इसके अलावा दूध की 53 जांच रिपोर्ट में 22 नमूने अधोमानक मिले हैं। यानी दूध में कहीं फैट तो कहीं पाउडर कम मिला है।
दूध बिगाड़ रहा सेहत
शहर में दूध की खुली दुकानों से ब्रांडेड पैकेट वाले दूध की तुलना में दूध सस्ता पड़ता है। इसकी वजह से लोग खरीदते भी खूब हैं। मगर ग्राहकों को यह पता नहीं होता कि सेहत सुधारने के लिए खरीदा जाने वाला यह दूध स्वास्थ्य के लिए कितना घातक है। शहर में धड़ल्ले से फैट निकालकर दूध बेचा जा रहा है। इससे दूध में मौजूद सेहत सुधारने से जुड़े आवश्यक तत्व जैसे कि कैल्शियम, मिनरल, कैलोरी की मात्रा कम हो जाती है।
गुटके में मिला घातक गैम्बियर
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) को पान मसाला व गुटका के लिए नमूनों की जांच में कत्थे के स्थान पर घातक केमिकल गैम्बियर केमिकल मिला है। इसका उपयोग कानपुर के टेनरियों में चमड़े की टैगिंग में किया जाता है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी रोकने के लिए एफएसडीए की टीमें लगातार छापेमारी करने को सक्रिय हैं। नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। हाल ही में आई रिपोर्ट में दूध, देसी घी, तेल, गुटका आदि के नमूने फेल हो गए हैं। हालांकि दूध में किसी तरह की मिलावट नहीं पाई गई है। मिलावटखोरों से बतौर जुर्माना 1.45 करोड़ रुपये वसूले गए हैं।
- सर्वेश मिश्रा, डीओ एफडीए