जवां क्षेत्र के गांव बहादुरपुर से 11 वर्ष पूर्व युवक के अपहरण के मामले में एडीजे-17 मनोज कुमार सिद्धू की अदालत से तीन आरोपियों को दस-दस साल कैद व जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न दे पाने की दिशा में उनकी संपत्तियों से जुर्माना वसूला जाए। खास बात है कि इस घटना में अगवा किए गए युवक का आज तक जिंदा या मुर्दा होने का सुराग नहीं लगा है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल के अनुसार, गांव बहादुरपुर के प्रमोद कुमार ने 29 अक्तूबर 2010 को मुकदमा दर्ज कराया कि उसके भाई देवेंद्र को गांव के चार लोग रवि, दलवीर, हजारी व जगदीश कासिमपुर ले जाने की कहकर ले गए। इसके बाद उनका भाई नहीं लौटा। पूछने पर इन लोगों ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। ज्यादा कहासुनी की तो कहा कि तुम्हें जो करना है कर लो, ज्यादा बोलोगे तो तुम्हारा भी तुम्हारे भाई की तरह पता नहीं लगेगा। मामले में पुलिस ने मुकदमे के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की। मगर देवेंद्र का आज तक सुराग नहीं लग सका। न्यायालय में अपहरण में चार्जशीट दायर कर दी गई। सत्र परीक्षण के दौरान आरोपी हजारी लाल की मृत्यु हो गई। वहीं अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर रवि, दलवीर व जगदीश को दोषी करार देकर दस-दस साल कैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। अदालत ने जुर्माना न दे पाने पर आरोपियों की संपत्ति से वसूलने और 80 फीसदी जुर्माना पीड़ित पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
शराब कांड में एक जमानत अर्जी खारिज, एक में गवाही शुरू
अलीगढ़। एडीजे-17 की अदालत से जहरीली शराब कांड में एक आरोपी की जमानत अर्जी खारिज की गई है। वहीं, एक मुकदमे में गवाही की प्रक्रिया शुरू हुई है, जिसमें बृहस्पतिवार को प्रथम साक्षी माल सहित न्यायालय में तलब हुआ। एडीजीसी सुधांशु अग्रवाल के अनुसार क्वार्सी से संबंधित शराब के मुकदमे में आरोपी मुनेश की जमानत अर्जी खारिज की गई है। मडराक के मदनगोपाल उर्फ कालिया से संबंधित शराब बरामदगी के मुकदमे में तत्कालीन एसओ राजीव कुमार माल सहित अदालत में हाजिर हुए। इस दौरान माल का मिलान व साक्षी के बयान दर्ज किए गए। अब इस मामले में अगली तारीख नियत कर दी गई है।