छर्रा क्षेत्र में मानसिक दिव्यांग युवती से दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय ने सात वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। न्यायालय ने मिशन शक्ति अभियान के तहत यह फैसला सुनाया है। यह फैसला एडीजे पॉक्सो तृतीय के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्रनाथ पांडेय की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप तोमर के अनुसार मुकदमा 2 जून 2016 को छर्रा क्षेत्र में युवती की मां की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें आरोप लगाया कि वह 29 अप्रैल को किसी काम से घर से बाहर गई। तभी आरोपी राजेश उसके घर में घुस गया और उसकी मानसिक दिव्यांग बेटी संग दुष्कर्म किया। न्यायालय ने मुकदमा में साक्ष्यों और गवाही के आधार पर आरोपी को सात साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। वहीं दस हजार रुपये पीड़ित पक्ष को देने के निर्देश दिए हैं।
शराब व पॉक्सो में जमानत अर्जियां खारिज
एडीजे प्रथम शाहिद रजा की अदालत से शराब कांड में पिसावा के मुकदमे में खैर के नीरज चौधरी की, टप्पल के मुकदमे में नीरज व जवां के मोनू की जमानत खारिज की गई है। यह जानकारी एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने दी। इधर, एडीजे-9 सुनील सिंह की अदालत से क्वार्सी के मुकदमे में लक्ष्मी देवी व मडराक के मुकदमे में रिंकू की जमानत खारिज हुई है। यह जानकारी एडीजीसी जेपी राजपूत ने दी। वहीं एडीजे पॉक्सो ओमवीर की अदालत से अकराबाद बमनोई के सतीश की जमानत खारिज हुई है। यह जानकारी विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह ने दी है।