छह माह में उखड़ी विधायक अनिल पाराशर द्वारा बनवाई गई सड़क।
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सड़कों के निर्माण में सरकारी विभागों की लीपापोती किस कदर हावी है और बजट का कैसे बंदरबांट किया जाता है, इसकी पोल विधायक अनिल पाराशर ने खोली है। उन्होंने सीएम से आईजीआरएस पोर्टल पर धनीपुर के ग्राम दिहौली से मलिकपुरा होते हुए परोरी तक तीन किमी लंबा मार्ग बनने के छह माह के भीतर ही उखड़ने की शिकायत की है। उन्होंने इसके लिए सरकारी विभागों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। विधायक की शिकायत पर मामले में तीन सदस्यीय टीम को जांच के लिए डीएम स्तर से नामित किया गया है।
विधायक अनिल पाराशर ने बताया कि उन्होंने धनीपुर के ग्राम दिहौली से मलिकपुरा होते हुए परोरी तक जाने वाले तीन किमी लंबे मार्ग के निर्माण कार्य को मंजूरी दिलाई थी। इसका निर्माण व्यापार निधि से करवाया गया। दो करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आया। पीडब्ल्यूडी ने इसका निर्माण कराया था। मगर, छह माह के भीतर ही सड़क उखड़ गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि घटिया किस्म की निर्माण सामग्री का इस्तेमाल हुआ होगा और बजट को कैसे पचाया गया है। इस मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई। शिकायत के आधार पर डीएम स्तर से आरईएस के अधीक्षण अभियंता मो. अकरम, जल निगम के अधिशासी अभियंता पंकज रंजन, राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक हरिओम शर्मा को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।