फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौरंगाबाद को आवंटित टीका नोएडा में लगने से खलबली

विज्ञापन
विज्ञापन
जमालपुर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) पर कूड़ेदान में वैक्सीन के 29 भरी सिरिंज मिलने की घटना को लोग भूले भी नहीं है कि नोएडा की एक सोसायटी में नौरंगाबाद यूपीएचसी को एलॉट कोरोना टीका लगने की खबर से खलबली मच गई है। दबी जुबान यह सवाल भी उठ रहा है कि लगाया गया टीका सुरक्षित था या नहीं। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी एवं यूपीएचसी नौरंगाबाद की प्रभारी डॉ. रमया पिल्लई इस तरह की किसी संभावना से इंकार कर रहे हैं। सीएमओ इस मामले की जांच कराने की भी बात कर रहे हैं।
विज्ञापन

नोएडा के जेपी ग्रींस सोसायटी में यूपीएचसी नौरंगाबाद को आवंटित टीका लगने की खबर के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। सवाल उठ रहा है कि यहां का टीका आखिर नोएडा कैसे पहुंच गया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि नोएडा की सोसायटी में लोगों को लगाया गया टीका सुरक्षित था या नहीं। टीके को एक निर्धारित तापमान (2 से 8 डिग्री सेल्सियस) पर रखा जाता है। यह भी जांच का विषय है कि अलीगढ़ से नोएडा ले जाने के क्रम में टीका को निर्धारित तापमान पर रखा गया था या नहीं। टीके की वायल खुलने के बाद चार घंटे तक ही इस्तेमाल की जा सकती है। नौरंगाबाद यूपीएचसी की प्रभारी डॉ. रमया पिल्लई का कहना है कि उनके यहां बिना रजिस्ट्रेशन किसी को टीका नहीं लगा है। जो लोग उनके केंद्र पर आए हैं, उन्हीं को टीका लगाया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. दुर्गेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का मामला सामने आता है तो जांच कर कार्रवाई होगी।
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि कई जिलों में स्लॉट मिलने में दिक्कत हो रही है। वहां के लोग दूसरे जनपद में स्लॉट मिलने पर टीका लगवा रहे हैं। इसकी अनुमति भी है। यहां से वैैक्सीन नोएडा जाना संभव नहीं लगता। फिर भी इसकी जांच कराएंगे।
विज्ञापन

नौरंगाबाद यूपीएचसी पर लग रहा कोवाक्सिन का टीका
नौरंगाबाद यूपीएचसी पर कोवाक्सिन का टीका लग रहा है। अलीगढ़ में नौरंगाबाद के अतिरिक्त जेएन मेडिकल कॉलेज, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं भुजपुरा में कोवाक्सिन लग रहा है। शेष केंद्रों पर कोविशील्ड लग रहा है। कुछ रोज पहले जमालपुर यूपीएचसी पर कूड़ेदान में 29 भरी वैक्सीन की सिरिंज मिली थीं। वहां की एएनएम लाभार्थियों के हाथ में सुई चुभोकर निकाल लेती थी। शरीर में वैक्सीन पहुंचाए बिना सुई तोड़कर सिरिंज कूड़ेदान में फेंक देती थी। जांच के बाद संविदा पर तैनात एएनएम की सेवा समाप्त कर दी गई है। वहां भी 18 से 44 वर्ष के लोगों को कोवाक्सिन का टीका लगाया जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें