जहरीली शराब कांड के बाद जिले में ऐसे 514 सिपाहियों के तबादले किए हैं, जो दो साल से अधिक समय से एक ही थाने या शाखा में जड़ें जमाए थे। इनमें से 148 को गैर जनपद स्थानांतरित किया गया है, शेष को जिले में इधर से उधर किया गया है। एसएसपी स्तर से एकाएक बुधवार मध्य रात्रि जारी हुए आदेश के बाद महकमे में हड़कंप का माहौल है। खास बात यह है कि स्थानांतरित किए गए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त करने और नई जगह ज्वाइन करने के आदेश हैं।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार जनपद में एक ही थाने पर दो साल से अधिक समय से जमे 366 सिपाही व हेड कांस्टेबलों को दूसरे थानों में भेजा गया है, जबकि 2019 से एक ही थाने या शाखा पर नियुक्त 148 सिपाही व हेड कांस्टेबलों को गैर जनपद भेजा गया है। इस तरह कुल 514 सिपाही व मुख्य आरक्षी इधर-उधर किए गए हैं। इन तबादलों के पीछे की मूल वजह उनकी मठाधीशी बड़ा कारण है। जहरीली शराब कांड में पुलिस की कमजोर मुखबिरी भी बड़ा कारण मानी जा रही है। गोकशी की घटनाओं की भी सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसे लेकर बीट सिपाहियों और थाने पर जमे कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा पर सवाल खड़ा होता था। इसे लेकर यह तबादले किए गए हैं।
थानों से ये बदले गए सिपाही
कोतवाली नगर -16, सासनीगेट -18, देहलीगेट-29, गांधीपार्क-11, बन्नादेवी-20, सिविल लाइन-17, क्वार्सी-18, जवां-10, गभाना-17, लोधा-16, चंडौस-06, अतरौली-20, पालीमुकीमपुर-13, हरदुआगंज-10, दादों-9, इगलास-20, मडराक-10, गोंडा-07, खैर-16, टप्पल-30, पिसावा-08, अकराबाद-19, बरला-05, गंगीरी-11, छर्रा-09, विजयगढ़-01
गैरजनपद ये भेजे गए सिपाही
लोधा-04, गांधीपार्क-05, गोंडा-03, गभाना-07, अतरौली-09, टप्पल-05, अकराबाद-04, जवां-03, देहलीगेट-03, दादों-03, सासनीगेट-06, पालीमुकीमपुर-01, हरदुआगंज-02, सिविल लाइन-14, पिसावा-01, क्वार्सी-1, कोतवाली नगर-05, बन्नादेवी-09, बरला-05, इगलास-13, खैर-13।