मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों से वर्चुअल माध्यम से वार्ता की गई। उन्होंने सभी नव निर्वावित ग्राम प्रधानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने आपको कुछ उम्मीदों के साथ चुना है, हमें विश्वास है कि आप सभी अपने गांव का चहुंमुखी विकास कर जनता की भावनाओं पर खरे उतरेंगे। उत्तर प्रदेश की 78 प्रतिशत आबादी ग्रामों में निवास करती है। ऐसे में स्मार्ट सिटी की धारणा के साथ-साथ स्मार्ट विलेज बनाने की जिम्मेदारी अब आप सभी के कंधों पर है।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को शपथ ग्रहण करने से पूर्व निगरानी समितियों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप सभी की मेहनत का परिणाम आज उत्तर प्रदेश में दिखाई दे रहा है। जहां अब से कुछ दिन पूर्व ही सक्रिय केसों की संख्या लाखों में थी, आज मात्र 52 हजार ही सक्रिय केस रह गए हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति टीम भावना के साथ कार्य करता है तो सदैव ही सार्थक परिणाम सामने आते हैं, पंचायतीराज व्यवस्था भी इसी पर आधारित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार राज्यपाल और मुख्यमंत्री लोकतंत्र की सबसे पहली इकाई के प्रहरियों से रूबरू हो रहे हैं।
उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील करते हुए कहा कि आप निगरानी समिति के अध्यक्ष के तौर पर कार्य कर रहे हैं। आपके कंधों पर व्यक्ति के जीवन और जीविका दोनों को बचाने की जिम्मेदारी है। खुद को सुरक्षित रखते हुए निगरानी समितियों के माध्यम से निरंतर गांव में सर्वे कराएं। लक्षण वाले मरीजों को मेडिकल किट देकर 24 घंटे में एंटीजन किट से जांच कराएं। यदि शंका हो तो 24 घंटे के भीतर आरटीपीसीआर का सैंपल कराएं, लेकिन तब तक व्यक्ति को इधर उधर घूमने न दें, बल्कि पंचायत भवन या विद्यालय में रखें। इसी प्रकार बाहरी व्यक्ति को ग्राम में प्रवेश करने से पूर्व पंचायत भवन या विद्यालय में आश्रय दें और जांचोपरांत ही उसको घर जाने दें। उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, सावधानी, जागरूकता, सतर्कता से ही हम खुद को और अपने परिवार को कोरोना से सुरक्षित रख सकते हैं। प्रदेश की एक बड़ी जनसंख्या को सुरक्षित रखने के लिए सभी जनपदों में 01 जून से 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के सभी व्यक्तियों का व्यापक स्तर पर टीकाकरण की शुरुआत की जा रही है। सुरक्षा कवच के रूप में टीकाकरण अवश्य कराएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीकी युग में अधिकतर कार्य कंप्यूटर के माध्यम से किये जा रहे हैं, ऐसे में आपको भी डिजिटल तकनीक अपनानी होगी। उन्होंने पंचायत भवन को पंचायत सचिवालय के रूप में बदलने की बात करते हुए कहा कि वहीं पर कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों को जारी किया जा सकता है। ग्राम प्रधानों का आह्वान किया कि वे ग्रामों में पौधरोपण, जल संचयन, स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान दें। दलगत, जातिगत भावना से ऊपर उठकर गांव में चहुंमुखी विकास कराएं। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल, उपनिदेशक पंचायत एसके सिंह, डीपीआरओ पारूल सिसौदिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।