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25 हजारी इनामी 18 साल बाद गिरफ्तार

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पिछले 18 साल से फरार अकराबाद थाने के हिस्ट्रीशीट नंबर 42ए पर दर्ज नेहने उर्फ नेत्रपाल पुत्र रामस्वरूप निवासी हिन्नपुरा अकराबाद जिंदा है। एसएसपी की क्राइम ब्रांच (एसओजी) ने इस 25 हजार के इनामी को बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया है। वह करीब एक दशक से सिकंदराबाद की एक लोहा फैक्टरी में नौकरी कर रहा था। खास बात है कि वह खैर के नगला रूप में महिला की हत्या कर डकैती और अकराबाद में हमले की घटना के बाद से फरार चल रहा था। इन घटनाओं के बाद से गांव से कोई नाता न रखने के कारण पुलिस और परिवार वाले भी उसे मृत मान चुके थे। मगर इस बार नए सिरे से हुई मुखबिरी के आधार पर उसे दबोच लिया गया। इस सफलता पर एसएसपी ने पुलिस टीम को इनाम की घोषणा की है।
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यह था खैर में डकैती का घटनाक्रम
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार खैर के गांव नगला रूपा निवासी शिवप्रसाद के घर वर्ष 2003 में डकैती की घटना हुई थी। उस घटना में उनकी मां राजकुमार की हत्या के बाद माल लूटा गया था। घटना के मूल में शिवप्रसाद ने अपने परिवार के सदस्य और उनके कुछ साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें आरोप था कि उन्हें उनकी नौकरी का रुपया मिला था। वह रुपया मां के पास रखा था। परिवार के सदस्य को जानकारी थी। उसी सदस्य ने अपने अकराबाद के कुछ साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिलाया था। इस घटना में पुलिस कुछ लोगों को जेल भेज चुकी थी। मुकदमा न्यायालय में है, जबकि नेहने उर्फ नेत्रपाल के फरार हो जाने के बाद पुलिस ने घटना में मफरूरी (फरारी) में चार्जशीट दायर कर दी थी।
वाराणसी, फिर सिकंदराबाद बसा, न थी पकड़े जाने की उम्मीद
अब जब एसएसपी की क्राइम ब्रांच टीम ने एसपी देहात शुभम पटेल के निर्देशन में नेहने को लेकर काम शुरू किया तो उसके विषय में सूचना मिली कि वह करीब एक दशक से सिकंदराबाद बुलंदशहर में लोहा फैक्टरी में काम कर रहा है। वहीं किराये पर पत्नी के साथ रहता है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने प्रयास कर बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि खैर की घटना के बाद पुलिस के पीछे लगने पर वह सीधे वाराणसी गया। वहां करीब आठ साल रहा और इधर उधर नौकरी करता रहा। वहीं एक नेपाली परिवार से दोस्ती हो गई। उसी परिवार की युवती से प्यार किया और उससे शादी कर सिकंदराबाद आ गया। जहां लोहा फैक्टरी में नौकरी शुरू कर दी। इस दौरान बच्चे भी हुए, मगर उनकी मौत हो गई। अब उसने अपराध छोड़ रखा था। उसे खुद उम्मीद न थी कि अब पुलिस उसे पकड़ पाएगी। इस दौरान उसने अपने गांव व परिवार से पूरी तरह नाता तोड़ रखा था। वह चार भाइयों में सबसे छोटा है। एक की मौत हो गई, जबकि दो गांव में ही रहते हैं, उनसे उसका कोई नाता नहीं है।
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20 हजार अपराधियों की सूची बनने पर आया सुर्खियों में
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि जब एरिया वार अपराधियों की सूची तैयार हो रही थी। तभी उसका नाम सुर्खियों में आया। उसके विषय में पता किया गया तो पता चला कि उसे तो मृत माना जा रहा है। मगर उसकी मृत्यु का कोई प्रमाण आज तक नहीं मिला है। इस बीच पता चला कि उसके हिस्से की गांव में खेती भी है। इस पर नेहने पर 25 हजार का इनाम घोषित कर उसके गांव से ही मुखबिरी शुरू कराई गई और वह पकड़ा गया। इस सफलता के लिए पुलिस टीम को इनाम दिया जाएगा।
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