तीनों कृषि कानूनों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे किसान संयुक्त मोर्चा ने दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के संघर्ष के चार माह पूरे होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को भारत बंद का एलान किया है। सरकार के विरोध में हुए इस एलान में सुबह छह बजे से सायं छह बजे तक दुकानें, माल, बाजार और संस्थान बंद कराने की बात कही गई है। रेलवे ट्रैक व सड़क जाम करने की चेतावनी दी गई है।
मोर्चा के संयोजक शशिकांत ने बताया कि एंबुलेंस एवं आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी सेवाएं बंद रहेंगी। दिल्ली के अंदर भारत बंद का प्रभाव रहेगा। दिल्ली की जिन सीमाओं पर किसानों के धरने चल रहे हैं, वे सड़के पहले से बंद हैं। इस दौरान वैकल्पिक रास्ते खोले गए थे। शुक्रवार के भारत बंद के दौरान सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इन वैकल्पिक रास्तों को भी बंद किया जाएगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे भी बंद को सफल बनाने में सहयोग दें। बंद के दौरान आम जन को परेशानी न हो, इसके लिए कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए है। एंबुलेंस, शादी ब्याह, बरातों की बसें नहीं रोकी जाएंगी। बंद में फंसे यात्रियों के खाने-पीने का बंदोबस्त किया जाएगा। किसानों से अपील की गई है कि वे शुक्रवार को मंडी न जाएं। जिले में बंद को सफल बनाने के लिए किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने तमाम बाजारों, मंडियों में जाकर बंद का समर्थन करने की अपील की है। किसान संगठनों को सभी व्यापारी संगठनों और आढ़तियों ने सहयोग व समर्थन के लिए आश्वस्त किया है।
ये हैं मांगेे
तीन कृषि कानूनों को रद्द करो, एमएसपी व खरीद पर कानून बने, किसानों पर किए सभी पुलिस केस रद्द करो, बिजली बिल और प्रदूषण बिल वापस करो, डीजल, पेट्रोल और गैस की कीमतें कम करो, प्राइवेट मंडियों को बंद करो, चारों श्रम कानून वापस लो।