शहर में चौराहों पर लगी रेड लाइट का उल्लंघन करने और उसको पकड़ने के लिए लगे कैमरों को धोखा देने के लिए कुछ वाहन चालकों ने अपने वाहन की नंबर प्लेट पर एक या दो नंबरों को विकृत कर दिया है।
इससे कैमरा वाहन का वास्तविक नंबर कैप्चर नहीं कर पाता है। जिससे वाहन के संबंध में विवरण जुटाना बेहद चुनौती भरा कार्य हो जाता है। वाहन चालकों की तरकीब रेड लाइट के उल्लंघन में तेजी से बढ़ती जा रही है।
इससे चौराहों पर हादसों की संभावना भी बढ़ जाती है। पुलिस महकमा इस बात को जानता है। सबसे बड़ा खतरा इस बात का है कि अब यह प्रवृत्ति वाहन चालकों में बढ़ती जा रही है। चौराहों पर रुक कर रेड लाइट के ग्रीन सिग्नल में बदलने तक का धैर्य वाहन चालकों में देखने को नहीं मिल रहा है।
दंड के प्रावधानों का भी असर नहीं
वाहन चालकों में रेड लाइट के उल्लंघन का कोई खौफ नहीं है। इस बात को यूं समझा जा सकता है कि ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसतन एक हजार से ज्यादा ई चालान कर रही है। 16 चौराहों पर रेड लाइट की व्यवस्था है। लेकिन इसका पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। अलीगढ़ पुलिस के आंकड़ों की बात करें तो पिछले तीन महीनों में 27400 लोगों ने रेड लाइट का उल्लंघन किया है। गौरतलब है कि 26 नवंबर 2020 को शहर के 16 चौराहों पर ट्रैफिक लाइट्स के माध्यम से यातायात सुचारू करने की कवायद शुरू की गई थी।
वाहन चालकों की दो मुख्य दलीलें
अधिकांश चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइट में सिग्नल के रेड और ग्रीन होने के समय में भारी अंतर है। सिग्नल 1:30 मिनट से अधिक समय के लिए रेड रहता है और मात्र 20 सेकेंड के लिए ग्रीन होता है। ऐसे में समस्या बढ़ जाती है।
लगभग सभी चौराहे जहां पर ट्रैफिक लाइट लगी हैं वहां पर लेफ्ट कट नहीं है। इससे वह वाहन चालक जिन्हें चौराहा क्रॉस भी नहीं करना है उनको भी रुकने को मजबूर होना पड़ता है और अनावश्यक जाम लगता है।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन पर लगी नंबर प्लेट स्पष्ट एवं साफ अंकों में होनी चाहिए, जिससे उसे कम से कम 25 मीटर दूर से पढ़ा जा सके। नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने या अंक को अस्पष्ट करने पर प्रथम बार में पांच हजार व में दूसरी बार में 10 हजार रुपये का जुर्माना करने का प्रावधान है।
फरीदुद्दीन, आरटीओ, प्रवर्तन, अलीगढ़ मंडल
वाहन चालक नंबर प्लेट से छेड़खानी न करें और नंबर प्लेट के माध्यम से वाहन और उसके मालिक की पहचान ठीक से हो सके, इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए नई तरह की नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत की गई। उसका काम अभी चल रहा है। जहां तक बीमा कंपनियों का सवाल है तो वह वाहनों का बीमा करते समय उसकी विकृत नंबर प्लेट को ध्यान में नहीं रखती हैं। यह इस मामले का एक स्याह पहलू है।
शरद बंसल, वाहन बीमा विशेषज्ञ
यातायात को सुधारने के लिए शहर में ट्रैफिक लाइट लगाई गई हैं। लेकिन, यहां भी लोग उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए नियमों का और भी सख्ती से पालन कराया जाएगा।
सतीश चंद्र, एसपी ट्रैफिक