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सऊदी अरब में नए नियम से जिले के 250 से अधिक लोगों को राहत

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रूपेश पाठक, प्रमुख इंडियन हेल्प डेस्क - फोटो : CITY OFFICE
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दीपक शर्मा
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सऊदी अरब में कामगारों के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब सऊदी अरब में काम करने वाले कर्मचारी अपनी मर्जी से नौकरी बदल सकेंगे। इससे पहले नौकरी देने वाले की मर्जी पर काम करने वाले का भविष्य निर्भर करता था। इस नए नियम से सऊदी अरब गए अलीगढ़ जिले के 250 से अधिक कामगारों को बड़ी राहत मिली है।
विदेशों में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने व उनकी मदद करने वाली संस्था इंडियन हेल्प डेस्क के रूपेश पाठक ने बताया कि चार साल पहले तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से उन्होंने सऊदी अरब में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिए मदद की गुहार लगाई थी। उनसे यह मांग की थी कि वह सऊदी सरकार से अपील करें कि वह अपने कफाला सिस्टम (इसमें नौकरी करने वाला नियोक्ता के कड़े नियंत्रण में रहता है) को उदार बनाएं।
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ये राहत मिली
अब तक सऊदी अरब में काम करने के लिए जाने वाला कामगार नौकरी देने वाले यानी कफील के नियंत्रण में रहता था। वह बिना उसकी मर्जी के नौकरी नहीं बदल सकता था और बिना कफील की मर्जी के स्वदेश वापस नहीं आ सकता था। इन दोनों नियमों में बदलाव किया गया है। नए नियम के मुताबिक, कामगार नौकरी भी बदल सकता है और अपनी मर्जी से स्वदेश वापस भी आ सकता है। इंडियन हेल्पडेस्क के पदाधिकारियों शुभेंद्र पाठक, नंदा बाबू, अशोक कुमार आदि ने सऊदी अरब के इस फैसले को स्वागत योग्य बताया है। कहा कि इससे सऊदी अरब में काम करने वाले अलीगढ़ जिले के 250 से अधिक लोगों को राहत मिली है।
चार वर्ष पहले अलीगढ़ का युवक फंस गया था सऊदी में
इंडियन हेल्पडेस्क के रूपेश पाठक ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले अलीगढ़ जिले के बन्नादेवी क्षेत्र के सारसौल का रहने वाला युवक दुर्गेश सिंघल सऊदी अरब में फंस गया था। उसे वहां ड्राइवर की नौकरी के नाम पर ले जाया गया था, लेकिन वहां पर उसे मजदूरी के काम में लगा दिया गया था। इसकी जानकारी हेल्प डेस्क इंडिया को हुई तो तत्कालीन विदेश मंत्री को ट्वीट और अन्य माध्यमों से सूचना देकर दुर्गेश की स्वदेश वापसी का रास्ता साफ किया गया।
मुझे सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी के लिए ले जाया गया था। लेकिन वहां पर भवन निर्माण के काम में लगा दिया। भीषण गर्मी में मेरी तबीयत खराब हो गई थी। मैंने वहां से निकलना चाहा, लेकिन सऊदी अरब के नियम इस तरह के थे कि मैं फंस कर रह गया। अब जो नए नियम बनाए गए हैं, अगर उस समय होते तो मेरे सामने कोई समस्या नहीं आती।
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- दुर्गेश सिंघल, पीड़ित युवक
मैं यूएई और खाड़ी देशों सहित दुनिया के विभिन्न देशों में रहा हूं। सऊदी अरब में अब जो नए नियम कामगारों के लिए बनाए हैं, उससे न सिर्फ भारतीय बल्कि अन्य देशों के जो भी कामगार वहां कार्य कर रहे हैं, उनको फायदा होगा।
- यासिर अली, पूर्व छात्र अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
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