उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक एल. वेेकटेश्वर लू ने कहा कि अब गरीब मां-बाप के मेधावी बच्चे भी आईएएस-पीसीएस बन सकेंगे। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उनके सपनों को साकार करने में सहायक बनेगी।
वह बतौर मुख्य अतिथि डीएस कॉलेज के रमेश चंद्र अग्रवाल भगतजी सभागार में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभ्युदय योजना से बच्चों एवं शिक्षकों में पठन-पाठन की रुचि ही नहीं जागृत होगी, बल्कि इस योजना से अवसर और प्रतिष्ठा की समानता भी प्राप्त होगी। जब एक अधिकारी या शिक्षक अपने मूल दायित्वों के साथ प्रतिभाशाली गरीब बच्चे को पूर्ण सेवा भाव के साथ प्रशिक्षित करता है, और वह आगे चलकर उच्च पद को प्राप्त करता है तो वह उच्च पदस्थ व्यक्ति कैसा होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों को संकल्प दिलाया कि वह अभ्युदय योजना को आगे ले जाने में अपना योगदान देंगे। मंडलायुक्त गौरव दयाल ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, एनडीए, नीट, बैंकिंग, एसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करना है।
एडीएम सिटी राकेश मालपाणी ने कहा कि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सिलेबस, प्रश्नोत्तरी एवं प्रश्न पत्रों से मिलती-जुलती पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है। संयुक्त विकास आयुक्त सर्वेश चंद्र यादव ने सरकार की इस पहल को ग्रामीण क्षेत्र के प्रतिभाशाली बच्चों के लिए वरदान बताया।
उप निदेशक समाज कल्याण संदीप सिंह ने कहा कि नौरंगीलाल राजकीय इंटर कॉलेज, मालवीय पुस्तकालय एवं एसएमबी इंटर कॉलेज को अध्यापन कार्य के लिए चुना गया है। अब तक 486 बच्चों का पंजीकरण हो चुका है। अध्यापन के लिए 140 शिक्षकों की सूची विभिन्न विद्यालयों, कॉलेजों एवं निजी कोचिंग संस्थानों से प्राप्त कर कक्षाएं प्रारंभ कर दी गई है।
कार्यक्रम के दौरान अपर आयुक्त कंचन शरण, एडीएम विधान जायसवाल, डीपी पाल, राकेश पटेल, उप निदेशक पंचायत एसके सिंह, माध्यमिक शिक्षा के संयुक्त निदेशक जितेन्द्र मलिक, एडी बेसिक डा पूरन सिंह, डीआईओएस डा धर्मेंद्र शर्मा, वीपी सत्यार्थी, प्राचार्य डा हेम प्रकाश, चन्द्रवीर सिंह, एडीएसटीओ राजवीर सिंह, आरसेटी निदेशक व बैंक अधिकारी अतुल सिंह, विनीत शर्मा, आनंद श्रीवास्तव, नरेश राजपूत, अजय कुमार, भास्कर वार्ष्णेय, अमर वार्ष्णेय, मंजरी सक्सेना, घनेंद्र शर्मा, योगेन्द्र पाल सिंह, गोपाल शुक्ला, आरएन यादव, कृष्ण कुमार शर्मा, संध्या बघेल, पीसी शर्मा सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक छात्र उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग डा अमृता सिंह ने धन्यवाद दिया। इससे पूर्व एनएसएस छात्र छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं महिला सशक्तीकरण, सुकन्या योजना, अभ्युदय योजना पर लघु नाटिका प्रस्तुत की। संचालन डा सुनीता वार्ष्णेय ने किया।