जिला पूर्ति विभाग की तत्कालीन सप्लाई इंस्पेक्टर खैर नूर फातिमा पर लगे आरोप अभी थम नहीं रहे हैं। इसी बीच 9 फरवरी को मडराक में की गई कार्रवाई के दौरान 53 हजार रुपये और 78 क्विटंल चावल गायब करने का भी आरोप लग गया है। मामले में मंडलायुक्त गौरव दयाल से मौखिक शिकायत भी हो गई है। हालांकि डीएसओ राजेश कुमार सोनी ने आरोपों को निराधार बताया है।
मडराक थाना क्षेत्र के मुकंदपुर इलाके में संचालित फर्म योगेश एंड ब्रदर्स के गोदाम पर 9 फरवरी की रात को 242 क्विंटल सरकारी चावल से लदा ट्रक पकड़ा गया। पूर्ति विभाग की टीम को देख गोदाम पर काम कर रहे मजदूर भाग गए थे। सूचना पर थाना पुलिस पहुंची। चावल को पुलिस अभिरक्षा में पूर्ति निरीक्षक पीयूष कुमार गौतम ने पनैठी स्थित सरकारी गोदाम में जमा कराया। इसके साथ ही गोदाम संचालक और ट्रक स्वामी के खिलाफ अज्ञात में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में फर्म संचालक योगेश गुप्ता का आरोप है कि उन्होंने गाजियाबाद की मंडी से 23 अक्तूबर 2020 को चावल मंगवाया था।
उसका गेट पास और बिल भी उनके पास मौजूद है। पूर्ति विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान कोई भी दस्तावेज नहीं देखा। आते ही कर्मचारियों के साथ मारपीट की। गोदाम से 320 क्विंटल चावल सीज किया। इसके बाद एफआईआर में 242 क्विंटल चावल दर्ज कराया गया। इतना ही नहीं मुनीम कुंवरपाल निवासी गोविंद नगर के पास मौजूद 53 हजार रुपये से भरा बैग भी ले लिया। उक्त रकम को भी गायब कर दिया गया है। इसके साथ ही उनका आरोप है कि एक राशन माफिया के पास से तीन दिन पहले धनीपुर मंडी में 3 ट्रक चावल पकड़ा गया है। उक्त ट्रकों में से एक को गायब कर दिया है। बाकी दो अभी धनीपुर मंडी के गेट पर ही खड़े हैं। इस मामले में डीएसओ से शिकायत की। साथ ही डीएम चंद्रभूषण सिंह से मिलने गए तो वह छुट्टी पर होने के कारण मिल नहीं सके। इधर, कमिश्नर गौरव दयाल से भी शिकायत की है। डीएसओ राजेश कुमार सोनी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान नायाब तहसीलदार कोल बतौर मजिस्ट्रेट साथ थे। उनकी देखरेख में पूरी कार्रवाई की गई थी। गोदाम संचालक के आरोप निराधार हैं। पुलिस एफआईआर में पूरा माल लिखाया गया है। बाकी पुलिस विवेचना कर रही है। उसमें पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।