गभाना तहसील से गुजर रहे दिल्ली हाईवे पर स्थित एस्सार पेट्रोल पंप के संचालक का जिला पूर्ति विभाग से लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही हरदुआगंज क्षेत्र के गांव उकलाना में स्थित एचपीसीएल के डीजल पंप का भी लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। इन दोनों के खिलाफ अनियमितताओं के चलते यह कार्रवाई हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सोनी ने बताया कि मैसर्स.नवीन मोटर्स एस्सार पेट्रोल पंप, गभाना के पंप पर पिछले माह विभाग की टीम ने छापा मारा था। उस समय वहां पर एक टैंकर खाली कराया जा रहा था। जिसमें अपमिश्रित रसायन भरा हुआ था।
जानकारी मांगने पर टैंकर कहां से आया? क्यों आया? उसमें क्या भरा है ? इसका जवाब पंप संचालक निहिगत शेरवानी की ओर से नहीं दिया गया। इस पर टैंकर को थाने में सीज कराते हुए पंप संचालक के खिलाफ मिलावटखोरी को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। साथ ही सैंपल को जांच के लिए भेजा गया। पंप संचालक द्वारा काफी समय बाद भी विभाग के नोटिस का जवाब न दिए जाने के चलते उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। वहीं, मैसर्स हमारा पंप ब्रिज शांति, ग्राम उकलाना के स्वामी ने पंप की स्वीकृति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की थी, जिसमें हेरफेर कर तथ्यों का छिपाया गया। नियमानुसार पंप के 300 मीटर दायरे में सड़क पर कोई भी कट नहीं होना चाहिए। मगर, वहां पर कट है। इसके चलते पंप स्वामी का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।