कोरोना काल में भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं हो रहा है। पोस्टमार्टम हाउस का डीप फ्रीजर खराब हो गया है। इसके चलते शव सड़ रहे हैं। मजबूरन बर्फ पर उनको रखना पड़ रहा है। बर्फ के पैसे भी मृतक के परिवार वालों से लिए जा रहे हैं। इससे भी बड़ी लापरवाही सोमवार को देखने को मिली कि एक इस्तेमाल की हुई पीपीई किट पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़ी थी। इसको लेकर भी लोगों में दहशत का माहौल रहा।
दरअसल, कोरोना महामारी के बीच नेगेटिव/पॉजिटिव रिपोर्ट आने के चक्कर में शवों का तत्काल पीएम नहीं किया जा रहा है। इधर, वहां लगे दो फ्रीजरों में से एक खराब हो चुका है। पोस्टमार्टम हाउस के प्रभारी रवि कांत दीक्षित ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 10 से 12 शव पोस्टमार्टम के लिए आते हैं। वर्तमान में एक फ्रीजर खराब पड़ा है।
ऐसी स्थिति में मजबूरी में डेड बॉडी बर्फ की सिल्ली पर रखीं जा रहीं हैं। मेडिकल कालेज से कोरोना की रिपोर्ट देरी में आने के चलते भी शवों का पोस्टमार्टम रुका पड़ा है। शवों का पोस्टमार्टम 76-76 घंटे बाद हो पा रहा है। इसको लेकर अधिकारियों को पत्राचार किया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।