क्वारंटीन श्रीलंकाई मूल के दो नागरिक (जमाती) मंगलवार को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिए गए। इन दोनों पर वीजा नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ महामारी अधिनियम आदि धाराओं में कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। इनके पासपोर्ट भी पुलिस के पास जब्त हैं। इन दोनों के जेल जाने संबंधी रिपोर्ट अब दूतावास भेजी जाएगी। वहां से इनकी न्यायिक मदद की प्रक्रिया शुरू होगी। जमानत पर रिहा होने के बाद ही इन्हें इनके देश वापस भेजने की औपचारिकता पूरी होगी।
तब्लीगी जमात प्रकरण के बाद जमातियों की तलाश हुई थी। इस दौरान जिले में बाहर के कुल 72 जमाती पकड़े गए। इनमें से दो श्रीलंकाई मूल के हैं। हालांकि किसी के सीधे तब्लीगी जमात से आने की पुष्टि नहीं हुई थी। मगर जानकारी छिपाने पर मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसी क्रम में कोतवाली क्षेत्र के रंगरेजान स्थित मस्जिद में मिले 13 जमातियों पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जिनमें दो मो. मुर्शीद पुत्र पाकीर अली और एमजे हिपलुररहमान पुत्र जिहार श्रीलंका मूल के हैं। इन्होंने स्वीकारा था कि फरवरी में तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे।
कोरोना जांच आदि के बाद इन सभी को क्वांरटीन किया गया था। इनके पासपोर्ट भी जब्त किए गए थे। अब तक सरकार के स्तर से इनको लेकर गाइड लाइन का इंतजार था। इसी क्रम में सरकार से गाइडलाइन आने के बाद मंगलवार को इन दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इंस्पेक्टर कोतवाली रविंद्र सिंह के अनुसार यह दोनों 90 दिन के टूरिस्ट वीजा पर थे और धार्मिक गतिविधियों में शामिल थे। इसलिए वीजा नियम उल्लंघन, महामारी अधिनियम, आपदा अधिनियम आदि धाराओं के मुकदमे में रिमांड मजिस्ट्रेट ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
मुकदमों में जमानत देकर घर भेजे जा रहे गैर जिले-गैर प्रांत के जमाती
इस दौरान जिले भर में कुल 72 बाहरी जमाती पकड़े गए थे। इनमें से शहर के रंगरेजान मस्जिद के अलावा अताइयान मस्जिद और गोविंद नगर फैज मस्जिद में जो जमात पकड़ी गई थीं। उन पर मुकदमे दर्ज हुए थे। इन तीनों मुकदमों में नामजद जमातियों को धारा 41 का नोटिस देकर उन्हें मुकदमों में थानों से जमानत देकर उनके घर भेजा जाना शुरू हो गया है। मंगलवार से ही यह प्रक्रिया शुरू कराई गई है। बाकी इनके खिलाफ मुकदमों की विवेचना प्रचलित रहेगी। जिन्हें जमानत दी गई है, उनमें रंगरेजान से मुकदमे में श्रीलंका के दो जमातियों को छोड़कर 11 को जमानत दी गई है। इसी तरह गोविंद नगर व अताइयान मस्जिद के जमातियों को जमानत दी गई है। इनमें फिरोजाबाद, गुजरात, बिहार आदि राज्यों के जमाती शामिल हैं। वहीं, एक जमाती तमिलनाडु का है, जिसको वापस कैसे भेजा जाए। इस पर मंथन किया जा रहा है।
ये पकड़े गए थे जमाती--
रंगरेजान मस्जिद में 13--इन पर मुकदमा
अताइयान मस्जिद में 12--इन पर मुकदमा
गोविंदनगर मस्जिद में 10--इन पर मुकदमा
कासिमपुर मस्जिद में 12
जंगलगढ़ी मस्जिद में 9
पिलोनी मस्जिद में 16,
सबसे बड़ी गलती, देश में दोनों ने कहीं नहीं भरा फार्म सी
श्रीलंका मूल के जमातियों ने अलीगढ़ आने के बाद फार्म सी भी नहीं भरा, जबकि नियम है कि जब भी कोई व्यक्ति वीजा पर भारत आने के बाद देश के जिस शहर में जाएगा, वहां के संबंधित प्रधान, पार्षद, रिश्तेदार या होटल मैनेजर के सहयोग से थाना पुलिस के पास जाकर फार्म सी भरने की प्रक्रिया पूरी करता है। जिसमें उसे बताना होता है कि वह किस देश से है, किस तरह के वीजा पर है और किस काम से आया है और कब तक रहेगा। मगर, इन दोनों ने ऐसा नहीं किया। जांच में उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में भी फार्म सी भरकर नहीं आए हैं।
- दोनों विदेशी जमातियों पर दर्ज मुकदमे में उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। अब उनके संबंध में रिपोर्ट विदेश, गृह मंत्रालय व श्रीलंका दूतावास भेजी जाएगी। वहां से उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना होगा। तभी उनके अपने देश लौटने की प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। वहीं गैर प्रांत व गैर जिलों के जमातियों को मुकदमों में जमानत देकर उनके घर भेजा जा रहा है।
-मुनिराज जी एसएसपी
जेल भेजा गया श्रीलंका नागरिक मोहम्मद मुरशिल।- फोटो : CITY OFFICE