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कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज, भ्रामक जानकारी फैलाने पर होगा मुकदमा

Wed, 25 Mar 2020 12:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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सोशल मीडिया - फोटो : ट्विटर
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सोशल मीडिया सूचनाओं के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम रहा है। शायद यही वजह है कि थोड़े समय में लोगों की मौजूदगी इस पर बढ़ी है। लेकिन कोरोना वायरस का प्रकोप छाने के बाद यही सोशल मीडिया भ्रामक और तथ्यहीन समाचारों के कारण खासा चर्चाओं में आ रहा है।

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कोरोना वायरस यानी कोविड-19 को लेकर तरह-तरह की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। पिछले कुछ दिनों में इनका ग्राफ तेजी से बढ़ा है। किसी खबर में कोरोना के दुष्परिणामों को दर्शाकर भय फैलाया जा रहा है तो किसी में भविष्य के हालातों को लेकर चिंता जताई जा रही है। दहशत लोगों के चेहरों पर साफ दिखाई देने लगी है।

व्हाट्सएप पर ऑडियो वायरल
व्हाट्सअप पर इन दिनों एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियों में दो दोस्त वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) से जुड़ी एक गोपनीय रिपोर्ट की बात करते सुनाई दे रहे हैं। रिपोर्ट में लॉकडाउन का जिक्र है। बातचीत में लॉकडाउन को प्रभावी रूप से लागू करने की बात कही है।
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एक दोस्त का दावा है कि इससे कर्फ्यू जैसे हालात होंगे। कोई घर से नहीं निकल पाएगा। अगर कोई गंभीर बीमार है तो वो भी अस्पताल नहीं जा सकेगा। सूचना देने के बाद मेडिकल टीम घर पहुंचेगी। और भी काफी कुछ इस ऑडियो में कहा जा रहा है, जिससे दहशत बन रही है।

भ्रामक सूचना पर होगा मुकदमा: कमिश्नर
सोशल मीडिया पर इन दिनों कोरोना वायरस छाया हुआ है। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों ने भी खाली दिन में सोशल मीडिया का भरपूर उपयोग कर रहे हैं। चुटकुलों और विभिन्न पोस्ट के माध्यम से कुछ लोग हंसी मजाक कर रहे हैं तो कुछ भ्रामक संदेश फैलाकर लोगों में भय का माहौल बनाने में लगे हैं।

कमिश्नर गौरी शंकर प्रियदर्शी ने बताया कि सोशल मीडिया पर पूरे मंडला में निगाह रखी जा रहा है। लोगों से अपील है कि किसी भी भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचें। अगर, कोई भी व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

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