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अब एएमयू के बवालियों के घर पहुंचने की तैयारी में पुलिस

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एएमयू में 15 दिसंबर को हुए बवाल के बाद अभी सुरक्षा इंतजाम बरकरार हैं। वहीं एसआईटी ने अपनी विवेचना तेज करते हुए बलवाइयों के घरों तक पहुंचने और मुकदमे की सूचना पहुंचाने की कवायद तेज कर दी है। इस प्रक्रिया के तहत सीसीटीवी, वीडियो फुटेज की मदद से बवाल में शामिल चेहरों के नाम, मूल पते और उनके निकनेम तक जानने में यह टीम जुटी है। अब तक काफी संख्या में नाम पते उजागर कर लिए गए हैं। हालांकि अभी इन्हें सार्वजनिक नहीं किया जा रहा। मगर प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द इन नाम पतों का ब्योरा एकत्रित कर उनके मूल जनपद की पुलिस की मदद से उनके घरों पर मुकदमे की सूचना पहुंचाई जाए।
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उनके अभिभावकों को बताया जा सके कि उनके बच्चे एएमयू में क्या कर रहे हैं।एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में के क्रम में 15 दिसंबर की रात एक से डेढ़ हजार छात्रों/युवकों की भीड़ पुलिस पर हमलावर हुई थी। इस दौरान पथराव व फायरिंग तक की गई। इसके मुकदमों में आरोपियों को चिह्नित करने का काम पुलिस की एसआईटी कर रही है। एसपी क्राइम के नेतृत्व में टीम ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो फुटेज के आधार पर काफी संख्या में चेहरे उजागर कर लिए हैं। उनके फोटो भी तैयार कराए गए हैं।
अब उन फोटो के आधार पर एएमयू इंतजामिया के साथ-साथ पुलिस के मददगार छात्रों की मदद से उनके नाम, निकनेम और मूल पते तक जुटाए जा रहे हैं। पुलिस सूत्र बताते हैं कि फिलहाल एएमयू बंद है और ज्यादातर छात्र अपने घरों पर हैं। प्रयास है कि उनके यहां आने से पहले उन पर दर्ज मुकदमों और उनकी हरकतों की सूचना उनके मूल पते पर पहुंचवा दी जाए। इस काम में संबंधित थानों की पुलिस के जरिये परिवार को यह हिदायत दिलाई जाएगी कि अब अगर वापस आने पर उनके बच्चे किसी हरकत में शामिल हुए तो उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई से गुजरना होगा। एसएसपी आकाश कुलहरि इतना ही कहते हैं कि पुलिस विवेचना जारी है। छात्रों की पहचान का काम जारी है।
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पुलिस का प्रयास यह भी है कि अब 5 तारीख को कैंपस खुलने जा रहा है। अंदरखाने इनपुट है कि कहीं छात्र नेता फिर से कोई बवाल खड़ा न करा दें। इस अंदेशे के चलते पहले से पुलिस स्तर से यह प्रयास किए जा रहे हैं कि भीड़ में शामिल रहे छात्रों के परिवारों को हिदायत दे दी जाए तो शायद वह अगली बार भीड़ का हिस्सा न बनें।
इसी क्रम में पुलिस मुद्दे को तूल देने वाले नेताओं और साजिशकर्ताओं पर सख्त शिकंजे की तैयारी में है। पुलिस स्तर से साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। जिसके आधार पर अदालत से इनके खिलाफ मजबूत कार्रवाई कराने में मदद मिलेगी। प्रयास है कि एएमयू खुलने से पहले नेताओं व साजिशकर्ताओं पर सख्ती हो सके।
एसएसपी आकाश कुलहरि परिवार को निशाना बनाने वाले फेसबुक एकाउंट संचालकों की पहचान के लिए फेसबुक मुख्यालय पत्र भेजा जा रहा है। फेसबुक मुख्यालय से एकाउंट धारक का पूरा ब्योरा, आईपी एड्रेस और पता आदि जानने के बाद आरोपियों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि एएमयू बवाल में पुलिस कार्रवाई को लेकर फेसबुक पर एसएसपी के परिवार की फोटो लगाकर उन्हें निशाना बनाया गया है। इस मामले में सोशल मीडिया सेल की ओर से फेसबुक एकाउंट धारकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
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