मोहम्मद तारिक। जिनको एएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया है।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में 15 दिसंबर की रात हुई हिंसा में दाहिने हाथ का पंजा गंवाने वाले शोधार्थी मोहम्मद तारिक ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी ठुकरा दी है। हालांकि, एएमयू इंतजामिया ने नौकरी ठुकराने जैसे किसी कदम की जानकारी से इनकार किया है। दरअसल, कुलपति ने तारिक को तीन महीने के लिए एडहॉक पर नौकरी देने का एलान किया था। अलबत्ता, कुलपति के फैसले पर लोग अंगुली भी उठा चुके हैं।
रसायन विज्ञान में पीएचडी छात्र मोहम्मद तारिक जेआरएफ व नेट उत्तीर्ण हैं। 15 दिसंबर की रात कैंपस में हुई हिंसा में तारिक के दाहिने हाथ के पंजे में काफी चोटें आई हैं। पहले जेएन मेडिकल कॉलेज में उन्हें भर्ती कराया गया था। हालत नाजुक होने के चलते दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, जहां से छुट्टी मिलने के बाद एएमयू में भर्ती कराया गया। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने 23 दिसंबर को मानवीय आधार पर शोधार्थी तारिक की नियुक्ति साइंस फैकल्टी के डीन व रसायन विभाग के चेयरमैन से परामर्श के बाद की थी।
अब इस मामले में तारिक के नौकरी न करने के फैसले से नया मोड़ आ गया है। तारिक के इनकार की पुष्टि उनके साथी कर रहे हैं। इस विषय में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती तारिक से जब बात हुई तो उन्होंने भी इस फैसले पर सहमति जता दी और कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उधर, इस संबंध में एएमयू जनसंपर्क विभाग के मेंबर इन इंचार्ज प्रो. शाफे किदवई का कहना है कि शोधार्थी मोहम्मद तारिक के असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी ठुकराने की जानकारी जो मीडिया से मिल रही है, उसके बारे में उन्हें कुछ भी मालूम नहीं है।