जेएन मेडिकल कॉलेज के बाहर अवैध रूप से एंबुलेंस गिरोह संचालित कर रहे दो भाइयों पर पुलिस ने मरीजों से अभद्रता, मारपीट के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। ये दोनों भाई सिविल लाइंस क्षेत्र के कुख्यात अपराधी रासुका में निरुद्ध अकरम टिप्पा के भाई हैं। उस पर 29 मुकदमों की क्राइम हिस्ट्री है। मुकदमा दर्ज होने की खबर पर दोनों फरार हो गए हैं। पुलिस सरगर्मी से दोनों को तलाश रही है।
यह मुकदमा अतरौली के दीपक शर्मा आजाद की ओर से दर्ज कराया गया है। आरोप है कि धौर्रा माफी निवासी असलम व उसका भाई अशरफ देहात क्षेत्र के मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के नाम पर निजी अस्पताल लांग लाइफ में ले जाते हैं। जो बात नहीं मानता उसे डराते-धमकाते हैं, और पीटते भी हैं। एएमयू द्वारा नियमानुसार पंजीयन से संचालित एंबुलेंस संचालकों को भी विरोध करने पर धमकाते हैं।
हालात यह हैं कि जिस अस्पताल में वह मरीजों को ले जाते हैं, वहां न एमबीबीएस डॉक्टर हैं और न ही कोई एनेस्थीसिया का डॉक्टर है। यह जेल में निरुद्ध अपने अपराधी भाई अकरम टिप्पा के नाम की धमकी भी देते हैं। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार दोनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। अब उनकी तलाश जारी है।
पुलिस तलाशने लगी तो पहुंचा एसएसपी दफ्तर, फिर लापता
एंबुलेंस माफिया को लेकर कई दिन से पुलिस को शिकायत मिल रही थी। इस पर इलाका पुलिस दोनों को तलाश रही थी। इसे लेकर असलम बुधवार की दोपहर पुलिस के खिलाफ ही शिकायत लेकर एसएसपी दफ्तर पहुंचा था। इलाका पुलिस पर तरह-तरह से अवैध वसूली आदि के आरोप लगाए थे। मगर यह नहीं पता था कि उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। जैसे ही उसे मुकदमे की खबर मिली तो वह लापता हो गया।