कोयला संकट के कारण विद्युत उत्पादन लड़खड़ाने और भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई है। जनपद में बेतहाशा विद्युत कटौती से लोग बेहाल हैं। शहरी क्षेत्र में दो से चार घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में आठ घंटे या उससे अधिक की कटौती हो रही है। पिछले साल की तुलना में बिजली की मांग करीब तीस प्रतिशत अधिक बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं, रात्र में आई आंधी से पेड़ गिरने एवं खंभे क्षतिग्रस्त होने से जट्टारी क्षेत्र में पांच बिजलीघरों से विद्युत आपूर्ति ठप है। वहीं, अकराबाद क्षेत्र में भी गोपी बिजलीघर से सप्लाई ठप है।
महानगर में घोषित तौर पर 24 घंटे में मात्र 45 मिनट की कटौती हो रही है, लेकिन अघोषित रूप से दो से चार घंटे की कटौती हो रही है। यह कटौती अलग-अलग समय पर हो रही है। अधिकारी इसे स्थानीय गड़बड़ी मान रहे हैं। कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है। सरकार द्वारा कस्बों को 22 एवं गांवों को 18 घंटे आपूर्ति देने के निर्देश है, लेकिन छह से आठ घंटे या उससे अधिक की कटौती हो रही है। कोयला संकट बढ़ने के बाद ग्रामीणों की परेशानी कई गुना बढ़ गई है। कस्बा एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं।
आंधी से ग्रामीण क्षेत्र में हुआ नुकसान
सोमवार की रात्रि में आंधी आने की वजह से बिजली विभाग को काफी नुकसान हुआ है। पेड़ गिरने एवं खंभे टूटने से जट्टारी क्षेत्र में पांच बिजलीघर बंद हो गए हैं। अकराबाद का गोपी बिजलीघर भी बंद हो गया है। बिजली लाइन और 50 से अधिक खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसकी वजह से आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के अधीक्षण अभियंता ई. राघवेंद्र ने बताया कि खंभों को बदलने एवं खराबी को दूर करने का कार्य चल रहा है।
मांग में तीस प्रतिशत की वृद्धि
शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता एसके जैन ने बताया कि पिछले साल अप्रैल में 78.48 एमयू (मिलियन यूनिट) की मांग थी। इस वर्ष बीस दिन के अध्ययन में 102.6 एमयू की मांग आ रही है, जो पिछले साल की तुलना से करीब तीस प्रतिशत अधिक है।
आठ घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदलने का दावा
लोड बढ़ने के साथ ही ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता एसके जैन ने बताया कि शिकायत मिलने के आठ घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि विभाग के पास ट्रांसफार्मर की 16 ट्रॉलियां हैं। स्टोर से ट्रांसफार्मर मिलने में दिक्कत की स्थिति में तुरंत ट्रॉली भेज दी जाती है ताकि आपूर्ति तत्काल शुरू की जा सके। रात में ट्रांसफार्मर फुंकने पर समय थोड़ा अधिक लगता है। ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता ई. राघवेंद्र ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिकायत के 24 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिए जाते हैं।
कितनी घोषित कटौती
शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता एसके जैन ने दावा किया है कि 24 घंटे में 23.15 घंटे की आपूर्ति हो रही है। लोकल फाल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित होती है। ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता ई. राघवेंद्र ने बताया कि रात में दो घंटे की अतिरिक्त कटौती हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे एवं कस्बों में 22 घंटे में 21.30 घंटे की आपूर्ति हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति
चंडौस में 6 से 10 घंटे की बिजली कटौती
कस्बा चंडौस में 6 घंटे की कटौती हो रही है। क्षेत्र में 8 से 10 घंटे की कटौती हो रही है। दो दिन से क्षेत्र के गांव अमृतपुर एवं जलाखा गांव के ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं, जिसकी शिकायत सोमवार को विभाग से की गई थी। अधिकारियों का कहना है कि 48 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाएगा।
रात में दो घंटे ही मिली बिजली
सोमवार की रात्रि में सिर्फ दो घंटे बिजली मिली है। लोग ठीक से नींद पूरी नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली में बेतहाशा कटौती हो रही है। बिजली कटौती का कोई समय नहीं होता है। रात्रि में एक घंटे आने के बाद तीन-तीन घंटे गुल रहती है।
अतरौली में तीन से छह घंटे तक आपूर्ति बाधित
ग्रामीण क्षेत्रों में रात को पांच से छह घंटे तक कटौती की जा रही है। अतरौली शहर में भी तीन से चार घंटे तक की कटौती की जा रही है। जेई केशव माहेश्वरी ने बताया कि लोड बढ़ने के कारण कंट्रोल रूम के आदेश पर ही बिजली कटौती की जाती है।
छर्रा में आठ से 10 घंटे नहीं आती है बिजली
ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे के बदले 8 से 10 घंटे ही बिजली आपूर्ति दी जा रही है। नलकूप के लिए मात्र 6 से 7 घंटे की आपूर्ति हो रही है। खेतों में सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। जेई बबलू कुमार ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने की शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर बदलवा दिया जाता है।
गभाना में छह से सात घंटे गुल आपूर्ति बाधित
कस्बा में छह से सात घंटे की कटौती से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। लगातार कटौती से किसानों की भी परेशानी बढ़ गई है। रात्रि में तीन से चार घंटे की कटौती से जनजीवन अस्त व्यस्त है। अधिकारियों का कहना है कि फुंकने की सूचना के 24 घंटे के अंदर ट्रांसफार्मर बदल दिया जाता है।
जट्टारी से तीन से चार घंटे की कटौती
भीषण गर्मी में तीन से चार घंटे की कटौती से कस्बावासी बहुत परेशान है। कस्बा में ट्रांसफार्मर फुंकने पर 24 घंटे में बदल दिया जाता है। क्षेत्र में तीन दिन तक का समय लगता है। देहात में ट्रांसफार्मर फुंकने पर प्राइवेट वाहन से लाने के नाम पर विद्युत कर्मी उगाही भी कर लेते हैं।
--
जलाली में नौ घंटे तक आपूर्ति ठप
24 घंटे में कस्बा क्षेत्र में 13 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में दस घंटे की आपूर्ति मिल रही है। जबकि सरकारी अभिलेखों में 20 घंटे एवं 18 घंटे आपूर्ति दर्ज है। लोकल फाल्ट होने पर अधिकांश लोग प्राइवेट कर्मचारियों को सुविधा शुल्क देकर फाल्ट सही कराने को मजबूर हैं।
पिसावा में तीन से चार घंटे की कटौती
पिसावा क्षेत्र में अघोषित कटौती से लोग परेशान है। कस्बा में तीन एवं ग्रामीण क्षेत्र में तीन से चार घंटे की कटौती हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि ऊपर से ही कटौती हो रही है।
बरला में सात घंटे कटौती से आक्रोश
बरला क्षेत्र में भारी कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है। बीती रात सात घंटे की कटौती हुई है। रात्रि में आंधी के कारण कई जगह तार टूट गए हैं। इसलिए भी आपूर्ति बाधित हुई है।
अकराबाद में 14 घंटे बाधित रही आपूर्ति
तेज हवा के कारण सोमवार रात में बिजली आपूर्ति 14 घंटे बाधित रही। मंगलवार को दोपहर 11.50 बजे आपूर्ति बहाल हुई।