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अलीगढ़ : तकनीक से लैस युवा नकल को कर रहे 'नजर बंद'

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नकल के लिए कुख्यात रहे अतरौलिया बोर्ड की कमर तोड़ने के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक जितेंद्र कुमार मलिक और डीआईओएस डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने 2019 की यूपी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान जिले में ऑनलाइन सीसीटीवी मॉनीटरिंग मॉडल लागू कराया था। इस दौरान निरीक्षण के लिए आए उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कंट्रोल रूम देखकर पूरी टीम की पीठ थपथपाई। साथ ही इस मॉडल की फाइल लखनऊ निदेशालय मंगवाई। जिसे 2020 से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया। अब एक कदम आगे बढ़कर तकनीक से लैस माध्यमिक शिक्षा विभाग के युवा शिक्षक और कर्मचारी नकल को नजर बंद कर रहे हैं। लगातार तीसरी बार कंट्रोल रूम से अब प्रश्नपत्र की सील खुलने से लेकर उत्तर पुस्तिका जमा होने तक की हर गतिविधि कैमरों में कैद हो रही है। साथ ही कंट्रोल रूम में संसाधन भी बढ़ा दिए गए हैं।
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एक शिक्षक का कोरोना में हो गया निधन
वर्ष 2019 में सिर्फ जनपद में लागू किए गए मॉडल में वीरेंद्र चौधरी, विपुल पाठक और हेमंत कुमार शर्मा का काफी बड़ा योगदान रहा। शुरुआती दौर में कई समस्याएं आईं। जिन्हें अब दुरुस्त कर लिया गया है, लेकिन इस टीम के मुख्य सदस्य हेमंत कुमार शर्मा ने कोरोना के चलते सभी से अलविदा कह दिया। इस कारण आज भी कंट्रोल रूम में बैठे लोग उन्हें याद करते हैं।
यह है व्यवस्था
अतरौली के परीक्षा केंद्रों की मॉनीटरिंग चार कंप्यूटर पर अमन शर्मा, सुधांशु सक्सेना, प्रेमचंद्र, सचिन कुमार कर रहे हैं। कोल में आकाश कुमार, योगेश कुमार, प्रशांत व वरुण मॉनीटरिंग करते हैं। खैर में तरुण उपाध्याय व नोइल फैड्रिक नेल्सन परीक्षा केंद्रों पर नजर बनाए रहते हैं। इगलास में सतेंद्र शर्मा व इगलास-गभाना की मॉनीटरिंग इंदल कुमार कर रहे हैं। नौरंगीलाल जीआईसी के प्रधानाचार्य रवेंद्र पाल सिंह तोमर कंट्रोल रूम के प्रभारी हैं, जबकि अतरौली-खैर के प्रभारी अभिनव वशिष्ठ, गोल-गभाना-इगलास के प्रभारी हृदेश वार्ष्णेय हैं। इन सभी के बीच अन्य कार्यों का समन्वय राजीव शर्मा व त्रिवेंद्र सिंह भारती करते हैं।
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