बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए तैनात रसोइयों के खाते में हर महीने मानदेय जाएगा। पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) प्रणाली से मानदेय का भुगतान होगा। पहले यह मानदेय छह-छह महीने पर मिलता था। अप्रैल से यह प्रणाली लागू हो रही है।
विभाग के विद्यालयों में विद्यार्थियों को भोजन मुहैया कराने की जिम्मेदारी रसोइयों की है। अब उन्हें मानदेय के लिए प्रधानाध्यापकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। रसोइयों को 1500-1500 रुपये मानेदय मिलता है। जिले में 2115 विद्यालय हैं, जिनमें आठ हजार से ज्यादा रसोइया तैनात हैं। पहले हर माह मानदेय मिलने में दिक्कत होती थी। शासन ने रसोइयों को नियमित रूप से मानदेय भुगतान करने के लिए पीएफएमएस प्रणाली लागू कर दी है। अब हर महीने की एक तारीख को उनके खाते में मानेदय पहुंच जाएगा। विभाग में रसोइयों का खाता नंबर और आईएफएससी कोड फीड करने का अभियान चलाया गया है। कई रसोइयों का खाता नंबर संयुक्त होने से ऑनलाइन नहीं दिख रहा है। शासन ने सभी रसोइयों का डाटा अविलंब ऑनलाइन करने के लिए आदेश दिए हैं। बीएसए सतेंद्र कुमार ने बताया कि शासन के आदेश का अक्षरश: पालन होगा।
सितंबर से नहीं मिल पाया मानदेय
अलीगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में तैैनात रसोइयों को सितंबर 2021 से मानदेय नहीं मिल पाया है। कोरोना के चलते मार्च 2020 में विद्यालय बंद हो गए थे, जो 24 अगस्त-2022 से उच्च प्राथमिक विद्यालय खुल गए थे, जबकि सितंबर 2022 में प्राथमिक विद्यालय खुले थे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री मुकेश कुमार सिंह ने रसोइयों को अविलंब मानदेय का भुगतान करने की मांग की है, क्योंकि होली का त्योहार भी है।