पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद मुस्तफा (सअ) की यौमे पैदाइश पर जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। झालरों की रोशनी से घर-मस्जिद जगमगा उठी। घर-घर महफिलें सजीं। जुलूस निकला। खाना भी बांटा गया।
कोविड-19 के चलते बड़े पैमाने पर जुलूस नहीं निकला। अलबत्ता, बच्चों ने जुलूस निकालकर पत्ती-पत्ती, फूल-फूल, या रसूल, या रसूल के नारे लगाए। जुमे की नमाज के दौरान पैगंबर की सूरत व सीरत पर रोशनी डाली गई। मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष व राष्ट्रवादी नेता मोहम्म्मद आमिर रशीद के जोहरा बाग स्थित आवास पर महफिल सजी। नात-ए-नबी गुनगुनाया गया। आमिर ने कहा कि पैगंबर ने एकता, भाईचारे व स्वच्छता का संदेश समाज को देकर आपसी सौहार्द की बुनियाद रखी थी। मौलाना डॉ. नौशाद आलम चिश्ती, तनवीर रशीद ने विचार व्यक्त किए।
सैयद जमाल अहमद ने देश में अमन शांति, खुशहाली की दुआ की गई। मुस्लिम यूथ एसोसिएशन के अध्यक्ष व राष्ट्रवादी नेता मोहम्म्मद आमिर रशीद के जोहरा बाग स्थित आवास पर महफिल सजी। नात-ए-नबी गुनगुनाया गया। आमिर ने कहा कि पैगंबर ने एकता, भाईचारे का स्वच्छता का संदेश समाज को देकर आपसी सौहार्द की बुनियाद रखी थी। मौलाना डॉ. नौशाद आलम चिश्ती, तनवीर रशीद ने विचार व्यक्त किए। सैयद जमाल अहमद ने देश में अमन शांति, खुशहाली की दुआ की गई।
आगाज की ओर से पैगंबर के जन्मदिवस को करुणा दिवस के रूप में मनाया गया। इस दौरान जरूरतमंदों को भोजन पैकेट दिए गए। कांग्रेस नेता इंजी. आगा यूनुस के आवास पर महफिल सजी। पैगंबर के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। आगा यूनुस ने कहा कि पैगंबर पूरी मानवता के लिए रहमत बनकर आए थे। इस अवसर पर अध्यक्ष आबरीद अशरफ, याहया सैफई, आदिल जवाहर, अलीना हैदर, मोहम्मद अली, अदील शारिक आदि मौजूद रहे। पूर्व विधायक व हरियाणा कांग्रेस प्रभारी विवेक बंसल ने ईद मिलादुन्नबी पर मोहल्ला नई बस्ती गुरुद्वारा रोड पर शीरनी बांटी। इस अवसर पर बासित अली खान, नजमुद्दीन, इमरान आदि मौजूद रहे। पठान मोहल्ले में अमानउल्लाह खान के घर पर महफिल सजी।
मॉडर्न उर्दू शिक्षा समिति उत्तर प्रदेश ने जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाया। पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद मुस्तफा (सअ) के जन्मदिन को विश्व शांति कार्यक्रम के रूप में मनाया गया। अध्यक्षता संस्था के भुजपुरा कैंप कार्यालय प्रदेश महामंत्री बाबा फरीद आजाद ने की। संचालन उपाध्यक्ष मजहर उद्दीन ने किया। मुख्य अतिथि मौलाना राहत हिंदुस्तानी ने पैगंबर-ए-इस्लाम के सूरत व सीरत पर रोशनी डाली। भुजपुरा में संदली मस्जिद में हाफिज वसीम रजा, मोहम्मदिया मस्जिद में हाफिज लईक, सैयदा मस्जिद में हाफिज तस्नीम रजा, गौसिया मस्जिद में शाहिद रजा, मुस्तफा मस्जिद में हाफिज नूर हसन, आशिक-ए-रसूल मस्जिद में अनवर रजा, सासनी वाली दरगाह वाली मस्जिद में हाफिज हाशिम ने पैगंबर-ए-इस्लाम के जीवन पर विचार व्यक्त किए।
आसिफ नगर जमालपुर स्थित समाजसेवी अब्दुल जलील के घर पर ईद मिलादुन्नबी का जश्न मनाया गया। नात शरीफ पढ़ा। दुआ के बाद शीरनी बांटी गई। इस अवसर पर अब्दुल हसीब, मोहम्मद वजीह, मोहम्मद सबीह, मोहम्मद फराज, मोहम्मद फैज मौजूद रहे।
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पैगंबर ने हिंसा का सहिष्णुता से उत्तर दिया : कुलपति
अलीगढ़। एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा (सअ) ने अपने जीवन में हमेशा हिंसा का उत्तर सहिष्णुता व प्रेम से दिया। एएमयू की ओर से आयोजित ऑनलाइन जश्ने ईद मिलादुन्नबी में कुलपति ने कहा कि पैगंबर ने कठिन परिस्थितियों में धैर्य, नैतिकता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि पैगंबर का संदेश पूरी मानवता के लिए है, न कि केवल मुसलमानों के लिए।
धर्मशास्त्र संकाय के पूर्व डीन प्रो. सैयद फरमान हुसैन ने कहा कि अच्छी बात करना, अच्छे कार्य करना, अच्छा इरादा और सदाचार पर दृढ़ता पैगंबर साहब के आचरण का सार है। प्रो. मोहम्मद सऊद आलम ने कहा कि पैगंबर की मेहनत और करुणा हमारे लिए एक मॉडल होनी चाहिए। डीन प्रो. मोहम्मद सलीम ने विचार व्यक्त किए। इससे पहले मौलाना आजाद लाइब्रेरी द्वारा आयोजित ऑनलाइन सीरत प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। लाइब्रेरियन डॉ. मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि प्रदर्शनी में पवित्र पैगंबर की जीवनी पर आधारित दुर्लभ पांडुलिपियां उर्दू, हिंदी, अरबी, फारसी और अंग्रेजी में महत्वपूर्ण प्रकाशन को रखा गया है। पवित्र कुरान की प्राचीन और दुर्लभ प्रतियों को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है।