थाना क्षेत्र के गांव गोपी में बुधवार देर शाम श्मशान घाट में महिला की चिता के सामने मायके व ससुराल पक्ष के लोग आपस में भिड़ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
गांव गोपी निवासी सोनू पुत्र लाखन सिंह की शादी छह साल पूर्व हाथरस थाना सिकंदराराऊ के गांव बमनहार निवासी मेघ सिंह की पुत्री मिथलेश के साथ हुई थी। मंगलवार सुबह मिथलेश को प्रसव पीड़ा हुई। परिजन उसे अलीगढ़ ले गये जहां एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। पति सोनू ने बताया कि मिथलेश की आपरेशन से डिलीवरी हुई। उसने दो बच्चों को जन्म दिया। लेकिन मंगलवार रात अस्पताल में ही उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। प्रसूता को जेएन मडिकल कालेज रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर सुन मायके पक्ष के लोग अलीगढ़ पहुंच गये। उसके बाद परिजनों ने महिला के शव को ले जाकर निजी अस्पताल के गेट पर रख दिया। डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगा हंगामा करने लगे।
हंगामा होता देख अस्पताल प्रबंधन ने मृतका के परिजनों को दो लाख रुपये देकर अस्पताल से शव ले जाने को कहा। रुपये मिलने के बाद परिजन शव को लेकर गांव गोपी पहुंच गये। जहां बुधवार देर शाम श्मशान में मृतका मिथलेश के शव का अंतिम संस्कार हो रहा था। तभी किसी गांव के व्यक्ति ने रुपयों के बारे में जानकारी ली। मृतका के पति सोनू ने बताया कि रुपये मिथलेश के भाई राजकुमार के पास हैं। सोनू ने राजकुमार से रुपये मांगे तो कहासुनी होने लगी। राजकुमार ने कहा रुपये दोनों नवजात के नाम बैंक में खाता खुलवा कर जमा किए जाएंगे ।
इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में महिला की चिता के सामने मारपीट होने लगी। एसओ सुनील कुमार ने बताया है कि मारपीट करने के मामले में दोनों पक्षों के पांच लोग सोनू पुत्र लाखन सिंह, गोपाल पुत्र राम सिंह निवासीगण गांव गोपी थाना अकराबाद व रोविन पुत्र वीरेंद्र निवासी गांव सोखना जिला हाथरस सहित मुलायम सिंह उर्फ राजकुमार, पुष्पेंद्र कुमार पुत्रगण मेघ सिंह निवासीगण बमनहार थाना सिकंदराराऊ के खिलाफ शांतिभंग में कार्रवाई की है।