सरकारी नौकरी के नाम पर समाजवादी पार्टी की पूर्व महिला जिलाध्यक्ष नौरीन खान संग 49 लाख रुपया ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सपा नेत्री ने इस मामले में पार्टी की ही तत्कालीन पर्यवेक्षक उमा सिंह यादव एवं विमल यादव को आरोपी बनाया है। उन्होंने दोनों पर अपने चार बच्चों की नौकरी के नाम पर 49 लाख ठगने, फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर बरगलाने और रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए बन्नादेवी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ईसापुर कॉलोनी बन्नादेवी निवासी पूर्व सपा महिला जिलाध्यक्ष नौरीन खान पत्नी स्व. जरीन खान ने बताया कि समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान उनका परिचय सपा सरकार की पर्यवेक्षक 9 बी, रामेश्वर, रामकृष्ण मार्ग फैजाबाद रोड आईटी कालेज के पास थाना महानगर लखनऊ निवासी उमा सिंह यादव और उनके साथी विकास मंती नगला फर्रुखाबाद निवासी विमल यादव से उस समय हुआ, जब वह पर्यवेक्षक बनकर अलीगढ़ आए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए कहा कि अगर आपको अपने, रिश्तेदारों व अन्य लोगों को सरकारी नौकरी चाहिए तो वाजिब पैसे लेकर सरकारी नौकरी लगवा दूंगी।
उमा सिंह की बातों में फंसकर उन्होंने अपने चार बच्चों की नौकरी के बारे में बात की तो उन्होंने 50 लाख रुपया मांगा। पीड़िता के मुताबिक, दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 के दौरान उन्हें 49 लाख रुपया दे दिया। रुपये देने के सभी साक्ष्य सुरक्षित हैं। दोनों लोगों ने लखनऊ बुलाकर चारों बच्चों के नियुक्ति पत्र दिखाए और कहा कि हम इनको विभागों द्वारा नियमानुसार जारी करा देंगे। लेकिन आज तक किसी बच्चे की नियुक्ति नहीं हुई। रुपया मांगने पर ये लोग जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर राविंद्र दुबे ने मुकदमे की पुष्टि की है।