उत्तर प्रदेश सरकार का बजट आगामी 22 फरवरी को पेश होगा। इस बजट से अलीगढ़ को बहुत उम्मीदें हैं। दरअसल, आधी अधूरी योजनाओं को पूरा करने के लिए जिले को 500 करोड़ रुपये की सख्त जरूरत है। नौ योजनाओं में से अधिकांश अधूरी हैं या फिर जमीन पर शुरू तक नहीं हो पाई हैं। सबसे बड़ी योजना स्व. राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय है, जिसकी घोषणा स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वर्ष 2019 में कर गए थे, लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी एक रुपये का बजट जारी नहीं हुआ। हालांकि, धनीपुर हवाई पट्टी को 22 करोड़ रुपये से अपग्रेड किया गया है। अप्रैल से यहां उड़ान शुरू होने की उम्मीद है। बजट में उड़ान योजना के तहत इसको जनमानस के लिए चालू करने का एलान हो सकता है। यहां का काम लगभग पूरा हो रहा है।
इन योजनाओं में चाहिए बजट
1- स्व. राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि का निर्माण लोधा थाने के सामने स्थित गांव मूसेपुर की 93.41 एकड़ जमीन पर होना प्रस्तावित है। 450 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना के पहले चरण में 100 करोड़ रुपये से निर्माण होना है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2019 में हुए इगलास विधानसभा के उपचुनाव में इस विवि के निर्माण का एलान किया था, अभी तक धन आवंटन नहीं हुआ।
2- यमुना एक्सप्रेसवे भूमि विवाद प्रकरण में जहानगढ़, जिकरपुर, टप्पल, कनसेरा और कृपालपुर के तकरीबन 250 किसानों को 88 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना है। इन किसानों को कई वर्षों से अपने भुगतान का इंतजार है। इस बजट से उनको भी उम्मीदें हैं।
3- अत्याधुनिक फूड टेस्टिंग लैब के लिए लोधा के पास जिरौली रोड में एक एकड़ जमीन चिन्हित हुई है। यहां 15 करोड़ की लागत से लैब बनाई जानी है, बजट का इंतजार है। ये लैब लखनऊ, वाराणसी और मेरठ मंडल के बाद चौथी बड़ी लैब होगी।
4- अंडला में बहुप्रतीक्षित यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए अभी तक 52.30 करोड़ रुपये मिले हैं। इसमें से जिला प्रशासन के पास अब केवल चार करोड़ बचे हैं। अभी 14 करोड़ रुपये और चाहिए, जिससे दस काश्तकारों का भुगतान होना है।
5- विधि विज्ञान प्रयोगशाला का निर्माण बेहद सुस्त रफ्तार से जारी है। अभी तक भुगतान अटकने से निर्माण रुका था। लगभग 10 करोड़ रुपये की दरकार है।
6- गभाना तहसील में कटरा-बरौली मार्ग पर टमकौली में अटल आवासीय स्कूल बनाने के लिए 72 करोड़ रुपये चाहिए। इसका टेंडर लखनऊ से हुआ है। यहां पर 500 छात्र छात्राओं के लिए आवासीय स्कूल बनना है। इस योजना में पहले 10 करोड़ रुपये मिले लेकिन टेंडर लखनऊ से होने पर पैसा वापस ले लिया गया।
7- अलीगढ़ पलवल हाईवे के निर्माण में अब तक 450 करोड़ रुपये मिले हैं। ये प्रोजेक्ट 550 करोड़ रुपये का है। पीडब्ल्यूडी को 15 करोड़ रुपये और चाहिए तो मार्च तक दो बाईपास छोड़ कर काम पूरा हो सकेगा। वर्ष 2018 में इसको पीडब्ल्यूडी से लेकर एनएचआई का 334डी हाईवे घोषित किया गया। इस फोरलेन हाईवे पर खैर और जट्टारी बाईपास का निर्माण अब नेशनल हाईवे अथारिटी को दिया जा रहा है। ये दोनों बाईपास लगभग 100 करोड़ रुपये से बनेंगे।
8- लोधा के पास गांव ल्हौसरा में सवा सौ एकड़ जमीन में बनने वाले ट्रांसपोर्ट नगर के लिए लगभग 25 करोड़ रुपये की प्राथमिक जरूरत है। प्रदेश सरकार ने अब तक कुछ नहीं दिया। आलम ये है कि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिकारी अभी तक इस प्रोजेक्ट के भू उपयोग को बदलाने के लिए दौड़ लगा रहे हैं।
9- रामघाट रोड, शहर के अंदरूनी क्षेत्र स्थित जीटी रोड और प्रमुख संपर्क मार्गों को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम, एडीए, जिला पंचायत, पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत लगभग 100 करोड़ के प्रस्तावों पर बजट आवंटन का इंतजार है।