जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने वाले युवकों में एएमयू के अर्थशास्त्र विभाग के शोध छात्र और कश्मीर निवासी मुनीब हुसैन का नाम शामिल है। कन्हैया कुमार एवं उमर खालिद सहित अन्य छात्र नेताओं के साथ उसका नाम चार्जशीट में शामिल होने की सूचना मीडिया के माध्यम से मिलने के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। विश्वविद्यालय के अधिकारी इससे अनभिज्ञता जता रहे हैं।
एएमयू अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. सैयद नोमान ने पूछे जाने पर बताया कि मुनीब हुसैन पीएचडी कर रहा था। कुछ दिन पहले उसका वाइवा हो गया है और अब विभाग के संपर्क में नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी सुना है कि जेएनयू में लगे देश विरोधी नारे के मामले में उसके खिलाफ चार्जशीट दर्ज हुआ है।
एएमयू प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान ने इससे अनभिज्ञता जतायी और कहा कि अभी उनके पास ऐसी कोई सूचना नहीं है। आज सलेक्शन कमेटी में व्यस्त रहा। इस मामले में कल पता करेंगे। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर का कहना है कि मुनीब का पीएचडी पूरा हो गया है। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2016 में जेएनयू में देश विरोधी नारे लगे थे।
छात्र के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र पचौरी ने कहा कि जिन दस छात्रों पर चार्जशीट हुए हैं, उसमें एएमयू का मुनीब हुसैन भी शामिल है। यह गंभीर मामला है। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे के लिए मिसाल बने। मन्नान वानी यहीं का छात्र था, जो हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था और सेना के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।