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शाहीनबाग पर एएमयू में सोशल मीडिया वार में दो मुकदमे दर्ज

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अलीगढ़। शाहीनबाग आंदोलन से जुड़ी दिल्ली की छात्रा को लेकर फेसबुक पर बिना नाम लिए व्यंग्यात्मक टिप्पणी ने एएमयू सोशल मीडिया वार छेड़ दिया है। यह टिप्पणी एएमयू के एक रिसर्च स्कॉलर द्वारा की गई। उसके विरोध में तमाम एएमयू छात्र सोशल मीडिया पर आ गए और रिसर्च स्कॉलर को तरह-तरह से घेरा जाने लगा। उसे देखने और पीटने व परिवार को सबक सिखाने तक की धमकियां दी गईं। रिसर्च स्कॉलर के समर्थन में भी लोग आ गए। यह बात प्रॉक्टर कार्यालय के जरिये पुलिस तक पहुंची। फिलहाल थाना सिविल लाइंस में दोनों ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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वाकये के मुताबिक बॉयो केमिस्ट्री विभाग के रिसर्च स्कॉलर निखिल माहेश्वरी ने पांच मई को अपनी फेसबुक वॉल पर एक व्यंग्यात्मक पोस्ट की थी। उनका आरोप है कि इस पोस्ट को दिल्ली की उस छात्रा से जोड़ा जा रहा है, जो शाहीनबाग आंदोलन में सक्रिय रही। साथ ही गैर समुदाय के छात्र उनके खिलाफ विवि में खिलाफत का माहौल तैयार कर रहे हैं। पोस्ट के बाद विवि के छात्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ही उनको निशाने पर ले लिया है। धर्म को निशाना बनाकर मारने-पीटने, सबक सिखाने व परिवार को देख लेने की धमकी दी जा रही है। निखिल के अनुसार उस पोस्ट का उस छात्रा से कोई मतलब नहीं है। इस तरह उस छात्रा से मुद्दा जोड़कर बदनाम करने व माहौल बनाने की कोशिश की गई है।
इधर, मामले में विवि के एमए के छात्र मो. आरिफ खान ने प्रॉक्टर ऑफिस के माध्यम से सिविल लाइंस थाने में निखिल माहेश्वरी के खिलाफ तहरीर देते हुए आरोप लगाया है कि निखिल ने उस छात्रा को बदनाम करने का काम किया है। इससे एएमयू के छात्रों व संस्थान की छवि धूमिल हुई है। पोस्ट का स्क्रीन शॉट भी तहरीर के साथ दिया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमित कुमार के अनुसार इस मामले में प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से एएमयू छात्र आरिफ की तहरीर पर पोस्ट करने के आरोपी छात्र निखिल के खिलाफ आईटी एक्ट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं निखिल की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर फेसबुक पर धमकी देने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय में अराजकतत्व वर्ग विशेष के छात्र, शिक्षकों को निशाना बना कर उनका मानसिक, सामाजिक शोषण करने का काम कर रहे हैं। खाड़ी देशों के बाद अब ये एएमयू के अंदर पुन: वर्ग विशेष के प्रति द्वेष फैला रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के समक्ष पूरा मामला रखा जाएगा। यह सब उन आपराधिक छात्र नेताओं के इशारों पर हो रहा है जिन पर वर्तमान में हिंसा फैलाने आदि को लेकर मुकदमे दर्ज हुए हैं। निखिल माहेश्वरी को जिस स्टेटस पर निशाना बनाया जा रहा है, उसमे दिल्ली की छात्रा का कहीं भी जिक्र नहीं है। -
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डॉ.निशित शर्मा पूर्व एएमयू छात्र/भाजपा नेता
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