अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। ये मुकदमा सिविल लाइंस थाने में धारा 153 ए के तहत सोशल मीडिया सेल के एसआई समरपाल सिंह ने दर्ज कराया है। अलीगढ़ पुलिस के टिवट्र के हैंडल पर कामिनी तिवारी की आईडी से 23 जनवरी को टिवट्र के जरिए अवगत कराया गया कि तमाम न्यूज पोर्टल पर छात्र संघ के विवादित बयान से उनकी भावनाएं आहत हुई हैं। पुलिस को तत्काल इस मामले में विधिक कार्रवाई अंजाम में लानी चाहिए।
गौर हो कि फैजुल हसन ने एएमयू में सीएए के विरोध में जारी धरना प्रदर्शन के दौरान कहा था कि हमारे सब्र की अगर सीमा देखना चाहते हैं तो 1947 के बाद 2020 तक हिंदुस्तानी मुसलमानों के सब्र की सीमा देखिए..। कभी कोशिश नहीं की कि हिंदुस्तान टूट जाए..। वरना हम उस कौम के हैं... अगर बर्बाद करने पर आए तो छोड़ेंगें नहीं... किसी देश को। इतना गुस्सा है..। कामिनी ने फैजुल हसन के इसी बयान से भावनाएं आहत होना बताया है। उक्त बयान 23 जनवरी से सोशल मीडिया में सुर्खियों में है।