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एएमयूः यूनिटी मार्च से एएमयू इंतजामिया की चिंता बढ़ी

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एएमयू में एनआरसी, सीएए और एनपीआर को लेकर विरोध प्रदर्शन करते छात्र। - फोटो : CITY OFFICE
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एएमयू के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से लेकर बाबे सैयद तक निकले यूनिटी मार्च ने एएमयू इंतजामिया के चिंता बढ़ा दी है। दरअसल, सोमवार से यूनिवर्सिटी खुल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों की एकजुटता और तादाद ने एएमयू इंतजामिया की चूलें हिला दी हैं। अलबत्ता, प्रॉक्टोरियल टीम ने सबकुछ अच्छा होने की बात कही है।
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सोमवार को करीब चार बजे यूनिटी मार्च निकला। मार्च में छात्रों के हाथों में तिरंगा था और जुबान पर नारेबाजी। मार्च में गांधीजी, डॉ. आंबेडकर, सर सैयद की तस्वीरें लेकर छात्र चल रहे थे, जिसमें ‘इतिहास बचाने निकले हैं, आओ हमारे साथ चलो, संविधान बचाने निकले हैं, आओ हमारे साथ चलो’ की नारे लगाए गए। छात्र-छात्राओं की तादाद देखते हुए जहां प्रॉक्टोरियल टीम मौके पर मुस्तैद रही। वहीं, सर्किल के पास आरएएफ व पुलिस कर्मी सक्रिय रहे। बाबे सैयद बंद कर दिया गया, जबकि रजिस्ट्रार ऑफिस के गेट के बाहर बैरीकेडिंग कर दी गई। छात्र-छात्राओं की एकजुटता व तादाद एक नई कहानी की ओर इशारा भी करती है।
...तारिक मंसूर को हम नहीं जानते
यूनिटी मार्च में छात्र-छात्राओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिसमें तरह-तरह के स्लोगन लिखे थे। मसलन, ’ऐसे दस्तूर को तारिक मंसूर को हम नहीं जानते, हम नहीं मानते’। जो कुलपति प्रो. तारिक मंसूर की ओर इशारा था। वहीं, एक तख्ती पर वीसी रिमूव भी लिखा था।
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एएमयू के लिए सिर्फ है धारा 144 : फैजुल
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि आजादी के नारे अभी तक जेएनयू, जामिया और एएमयू से निकल रहे थे, लेकिन अब भाजपा वाले भी आजादी का नारा दे रहे हैं। बस फर्क इतना है कि भाजपा सिर्फ नफरत फैलाने वाला और देश तोड़ने वाले नारे लगाकर बस देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं। अलीगढ़ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आने के बाद पूरे शहर से लेकर एएमयू के अब्दुल्ला हॉल के पास होते हुए कठपुले होते हुए नारे लगाते रहे, लेकिन प्रशासन ने धारा 144 सिर्फ एएमयू छात्रों के लिए ही बनाकर रखी है। अगर जरा भी नारा लगाया तो फौरन मुकदमा कर देते हैं, लेकिन भाजपा वालों को खुली छूट दे रखी है।
तारिक से मिलीं मेधा
अलीगढ़। 15 दिसंबर की रात हुए बवाल में रसायन विभाग के शोधार्थी मोहम्मद तारिक के दाहिने हाथ के पंजे में गंभीर चोट आई थी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती तारिक को सोशल एक्टिविस्ट मेधा पाटकर देखने गई थीं।
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