अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले जम्मू कश्मीर के छात्रों के कई गुट हैं। यहीं कारण है कि किसी मुद्दे पर सभी छात्रों की राय एक नहीं होती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात को लेकर भी ऐसी ही स्थिति है।
एएमयू में जम्मू कश्मीर के करीब एक हजार से अधिक छात्र पढ़ते हैं। दो साल पहले छात्र संघ चुनाव में जम्मू कश्मीर के शोध छात्र सज्जाद सुभान रॉथर उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए थे। जम्मू कश्मीर के साथ-साथ दूसरे प्रांतों के छात्रों का भी वोट सज्जाद को मिला था। पिछले साल छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर जम्मू कश्मीर के शोध छात्र मुबाशिर हुसैन शाह ने दावेदारी ठोकी थी। लेकिन सज्जाद की तरह वह छात्रों का दिल नहीं जीत सके और चुनाव हार गए। जम्मू कश्मीर के छात्रों ने उन्हें जीताने के लिए काफी प्रयास किया था। उपाध्यक्ष पद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सज्जाद जम्मू कश्मीर में एक राजनीतिक दल से जुड़ गए।
सज्जाद अपने बयानों को लेकर भी चर्चा में रहते हैं। सज्जाद एवं मुबाशिर के विचार अलग-अलग हैं। मुख्यमंत्री से बुलावा आने के बाद सज्जाद मैदान में कूद गए। सज्जाद मुख्यमंत्री से मिलने पर विचार करने का आश्वासन जिला प्रशासन को दिया था। इसी बीच मुबाशिर हुसैन शाह मैदान में आ गए और सज्जाद सुभान रॉथर के ‘मुख्यमंत्री से मिलने पर विचार करने’ के बयान पर पानी फेर दिया। उन्होंने साफ-साफ कह दिया कि कश्मीर के छात्र मुख्यमंत्री से नहीं मिलेंगे। बिना नाम लिए यह कहकर सज्जाद पर निशाना भी साध दिया कि कोई मुख्यमंत्री से मिलता है तो उसका व्यक्तिगत मामला होगा। वह एएमयू के कश्मीरी छात्रों का प्रतिनिधि नहीं माना जाएगा। मुबाशिर का कहना है कि सज्जाद के बयान का कोई महत्व नहीं है। मुख्यमंत्री से मुलाकात को लेकर जम्मू कश्मीर के छात्रों की जनरल बॉडी मीटिंग नहीं हुई है। अधिकतर छात्र मुख्यमंत्री से मिलने के पक्ष में नहीं हैं।
विवादित बोल को लेकर चर्चा में आए थे मुबाशिर
एएमयू छात्र संघ चुनाव के दौरान अध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे मुबाशिर हुसैन शाह फाइनल स्पीच में कुछ ज्यादा ही बोल गए थे। उनके बयान पर काफी हंगामा हुआ था। उन्होंने कहा था कि एमएचआरडी ने इतना कम बजट दिया कि आज एएमयू सेंटर मर रहे हैं। अगर मैं चुनाव जीता तो एमएचआरडी मिनिस्टर प्रकाश जावड़ेकर के जबड़े में दबे बजट को छीन लूंगा। जब हुकूक छीनेंगे तो उनके जबड़े भी बाहर आ जाएंगे। उन्होंने छात्रों से हाशिमपुर, गुजरात, सोफियान व कुलगांव की घटना को ध्यान में रखकर मतदान का आह्वान किया था।