सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत जिले के अन्य जनप्रतिनिधि और डीएम व सीडीओ सहित विभागीय अधिकारी तीन-तीन आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेंगे और उनको आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र बनाएंगे। इन केंद्रों पर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराएंगे। योजना के पहले चरण में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद दिया जाएगा।
जिले में 3039 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। यहां करीब ढाई लाख बच्चे पंजीकृत हैं। तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा भी दी जाती है। जारी आदेश में शासन की मंशा है कि जनप्रतिनिधि व अफसर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं व संगठनों की मदद से इन केंद्रों पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
यहां पर रंगाई-पुताई, फर्नीचर, खेलकूद का सामान, पानी, बिजली, साफ-सफाई समेत कई सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण की भी बेहतर व्यवस्था होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्मार्ट फोन के जरिए बच्चों का पंजीकरण, कुपोषित बच्चों का लेखा-जोखा अपने पास सुरक्षित रखेंगी।
- जनप्रतिनिधियों के साथ ही जिले के अफसर भी तीन-तीन आंगनबाडी केंद्रों को गोद लेकर उन्हें आदर्श केंद्र बनाने का काम करेंगे। इन केंद्रों पर सुविधाओं के साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाएगा। पहले चरण में 100 केंद्रों को गोद दिया जाएगा। दूसरे चरण में शेष केंद्रों को गोद देकर उन्हें संतृप्त किया जाएगा।
- श्रेयस कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी