मस्जिदों से लाउडस्पीकर बंद कराने और कोरोना संक्रमण फैलने को लेकर पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह और भाजपा नेता आमने सामने आ गए हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट लॉकडाउन 4.0 के दौरान जन समस्याओं को सुलझाने को लेकर बुलाई गई बैठक से निकलते ही जमीरउल्लाह और भाजपा सांसद सतीश गौतम, शहर विधायक संजीव राजा ने एक दूसरे पर बयानों की झड़ी लगा दी। नेता ये भी भूल गए कि वह जन समस्याओं के समाधान के लिए आए थे ना कि राजनीति करने।
जमीरउल्लाह ने दावे से कहा कि भाजपाई अजान को लेकर हाईकोर्ट के नए आदेश पर गुमराह कर रहे हैं। लाउडस्पीकर से अजान देने पर हाईकोर्ट ने कोई रोक नहीं लगाई है। उच्च न्यायालय ने कहा है कि जिसकी अनुमति है वह लाउडस्पीकर बजाए। जैसी व्यवस्था पहले थी, वैसी ही रहेगी। इसमें कोई बदलाव नहीं है।
पूर्व विधायक यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक और सांसद सभी कोरोना फैला रहे हैं। ये सभी शेखर सराफ की माता की तेरहवीं में गए थे। इनका सबका कोरोना टेस्ट होना चाहिए। टेस्ट के बाद इनको वहीं रखा जाए, जहां आम आदमी को क्वारंटीन किया गया है। जब विधायक से पूछा गया कि उन्होंने डीएम से ये मांग रखी है कि नहीं..? तो उन्होंने जवाब दिया कि वह पहले से ही इसकी मांग कर चुके हैं।
जमीरउल्लाह के कोरोना फैलाने वाले बयान से तमतमाए भाजपा विधायक संजीव राजा ने पलटवार किया। उन्होंने मीडिया से उलटा सवाल दागा कि क्या मीडिया ने जमीरउल्लाह से पूछा है कि उनका कोरोना टेस्ट हुआ है या नहीं..? वो स्वयं अपना टेस्ट करा आएं है या नहीं..?