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जवाब दें सांसद जी: गोद लिया बसेरा-भदियार, ग्रामीण बोल रहे- 'गोद' में लैके कीचड़ में छोड़ दयो हमारो गाम

Fri, 08 May 2026 11:58 AM IST
Chaman Kumar Sharma नितिन गुप्ता, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

गांव में घुसते ही पहली गली में अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे भूपेंद्र सिंह से जब विकास कार्याें के बारे में पूछा तो वे क्रोधित हो गए। तेज आवाज में बोले, ''अरे, हम तो वाको चेहरा ही भूल गए। हमें गोद में लैके कीचड़ में छोड़ दयो। ब्याह शादी में आकै फोटो तो खिंचावे, मगर काऊ से मिले तक नाए।
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सांसद सतीश गौतम का गोद लिया बसेरा-भदियार का हाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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साहब, हमारी हालात बहुत खराब है। खाली पानी की टंकी बनाने के अलावा यहां कुछ न हुआ। चारों तरफ से टंकी टपकती है और उसमें पानी भी नहीं रहता। यह निराशा खैर तहसील के गांव बसेरा-भदियार निवासी भूपेंद्र सिंह की है जो आदर्श गांव के निवासी हैं।

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गांव में घुसते ही पहली गली में अपने घर के बाहर चारपाई पर बैठे भूपेंद्र सिंह से जब विकास कार्याें के बारे में पूछा तो वे क्रोधित हो गए। तेज आवाज में बोले, ''अरे, हम तो वाको चेहरा ही भूल गए। हमें गोद में लैके कीचड़ में छोड़ दयो। ब्याह शादी में आकै फोटो तो खिंचावे, मगर काऊ से मिले तक नाए। जब वोटन की जरूरत पड़ी तो बेटा भेज दयो। हमारो ज्यादा मोंह मत खुलवाओ..जाओ, जाओ झनसे।''

क्रोधित भूपेंद्र सिंह को छोड़ जब गली में आगे बढ़े तो सामने दो और किसान मिले। गजेंद्र सिंह और महेश शर्मा, ये भी दूर खड़े भूपेंद्र सिंह की आवाज सुन रहे थे। रिपोर्टर ने जब यहां भी अपना सवाल दोहराया तो तपाक से गजेंद्र सिंह बोले, ''कछु ना करौ यहां पे। जे देख लैओ, झहां मंदिर बनो है और वाके बराबर में कीचड़ पड़ी है। गली में देख लैओ, जल ही जल मिलेगो। जब सांसद ने गोद लियो तो हल्ला ऐसो काट दियो कि पता ना का करैगो। ऐसी कीचड़ में से बालक सामान लैवेउ ना जा पावैं।'' उनकी बात पूरी होती, लेकिन उससे पहले महेश शर्मा ने ही सवाल कर डाला, ''अगर सांसद ने गांव गोद लयौ है तो जाकै पूछो कां पे है वो।''

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बसेरा-भदियार की सड़क पर कीचड़ ही कीचड़ - फोटो : संवाद
दरअसल वर्ष 2016-17 में गांव को सांसद सतीश गौतम ने गोद लिया था। इसके बाद यहां पानी की टंकी, श्मशान स्थल, इंग्लिश मीडियम विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, शौचालय बनाए गए। इसी गांव के विकास कार्य देखने जब संवाददाता पहुंचा तो ग्रामीणों की बातों से उनका विरोध साफ नजर आ रहा था।
प्रधान बोली-हमारे यहां सब ठीक. हमारे यहां सब ठीक है। पानी की टंकी चालू है, बीच बीच में पानी की कमी होती है। यहां स्कूल भी है और श्मशान गृह भी बन चुका है। अस्पताल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भदियार तक सीसी रोड बननी चाहिए। सांसद बहुत दिनों से नहीं आए। आदर्श गांव चुने जाने का फैसला मेरे कार्यकाल से पहले का है। - बबिता देवी, प्रधान
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मोटरसाइकिल निकाल लेयो तो इनाम दे दुंगो
तीनों ग्रामीणों के तेवर देख रिपोर्टर ने अगली गली में जाने के लिए आगे बढ़ गया। यहां उसे एक घेर के बाहर दहलीज पर खड़ा ग्रामीण मिला। पूछने पर उसने अपना नाम मनोज शर्मा बताया। जब मनोज से भी वही पुराना सवाल पूछा तो पहले वो मुस्कराए, फिर बोले-मेरे संग आओ। इसके बाद मनोज आगे और रिपोर्टर पीछे अपने दोपहिया वाहन से गांव से गुजरने लगे। दूर जाकर पीछे की तरफ मनोज ने सबसे पहले श्मशान घाट के पेड़ दिखाए, फिर एक जलभराव में जाकर खड़े हो गए और बोले, ''जै देख लैओ विकास कार्य..झहां सड़क नाए दलदल है पूरो। तुम झनसे अपनी मोटरसाइकिल निकाल लेयो तो इनाम दे दुंगो।''

रिपोर्टर ने इस चुनौती को स्वीकारा और आगे बढ़ने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ ही सेंकड में वह भांप गया कि धड़ाम होने में समय नहीं लगेगा। हंसते हुए मनोज बोले, बाकूं लियाओ। वो निकल जाए तो वाए भी इनाम दुंगो। इसके बाद उन्होंने पुरुष शौचालय दिखाया जिस पर ताला जड़ा हुआ था और पास में महिला शौचालय मरम्मत मांग रहा था।
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