बसेरा-भदियार की सड़क पर कीचड़ ही कीचड़
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दरअसल वर्ष 2016-17 में गांव को सांसद सतीश गौतम ने गोद लिया था। इसके बाद यहां पानी की टंकी, श्मशान स्थल, इंग्लिश मीडियम विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, शौचालय बनाए गए। इसी गांव के विकास कार्य देखने जब संवाददाता पहुंचा तो ग्रामीणों की बातों से उनका विरोध साफ नजर आ रहा था।
प्रधान बोली-हमारे यहां सब ठीक. हमारे यहां सब ठीक है। पानी की टंकी चालू है, बीच बीच में पानी की कमी होती है। यहां स्कूल भी है और श्मशान गृह भी बन चुका है। अस्पताल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। भदियार तक सीसी रोड बननी चाहिए। सांसद बहुत दिनों से नहीं आए। आदर्श गांव चुने जाने का फैसला मेरे कार्यकाल से पहले का है। - बबिता देवी, प्रधान
मोटरसाइकिल निकाल लेयो तो इनाम दे दुंगो
तीनों ग्रामीणों के तेवर देख रिपोर्टर ने अगली गली में जाने के लिए आगे बढ़ गया। यहां उसे एक घेर के बाहर दहलीज पर खड़ा ग्रामीण मिला। पूछने पर उसने अपना नाम मनोज शर्मा बताया। जब मनोज से भी वही पुराना सवाल पूछा तो पहले वो मुस्कराए, फिर बोले-मेरे संग आओ। इसके बाद मनोज आगे और रिपोर्टर पीछे अपने दोपहिया वाहन से गांव से गुजरने लगे। दूर जाकर पीछे की तरफ मनोज ने सबसे पहले श्मशान घाट के पेड़ दिखाए, फिर एक जलभराव में जाकर खड़े हो गए और बोले, ''जै देख लैओ विकास कार्य..झहां सड़क नाए दलदल है पूरो। तुम झनसे अपनी मोटरसाइकिल निकाल लेयो तो इनाम दे दुंगो।''
रिपोर्टर ने इस चुनौती को स्वीकारा और आगे बढ़ने का प्रयास भी किया, लेकिन कुछ ही सेंकड में वह भांप गया कि धड़ाम होने में समय नहीं लगेगा। हंसते हुए मनोज बोले, बाकूं लियाओ। वो निकल जाए तो वाए भी इनाम दुंगो। इसके बाद उन्होंने पुरुष शौचालय दिखाया जिस पर ताला जड़ा हुआ था और पास में महिला शौचालय मरम्मत मांग रहा था।