एल-2 श्रेणी के पं. दीनदयाल अस्पताल में बंदइंतजामी पर विधायक शहर संजीव राजा एवं विधायक कोल ने नाराजगी जताई। शुक्रवार को डीएम से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने कोविड मरीजों को झेलनी पड़ रही दिक्कतों एवं यहां सीवर लाइन चोक होने से टायलेट तक की समस्या की जानकारी दी तो स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों के बावजूद पर्याप्त इंतजाम न करने पर स्वास्थ्य अफसरों को कटघरे में खड़ा कर दिया।
विधायक कोल अनिल पाराशर ने बताया कि दीन दयाल अस्पताल में सीवर चोक होने के कारण महिला एवं पुरुष कोविड मरीजों को एक ही टायलेट का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जबकि यहां नाममात्र के मरीज हैं। अस्पताल के पीछे पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल में बनी बिल्डिंग सालों से निष्प्रायोज्य पड़ी है। जबकि यहां थोड़ा सा बजट खर्च कर स्थाई कोविड अस्पताल बन सकता है।
विधायक संजीव राजा ने कहा कि कोविड मरीज मिलने पर नगर निगम भी सेनेटाइजेशन के काम में सुस्ती बरत रहा है। जबकि बेरीकेटिंग व सेनेटाइजेशन का काम तुरंत होना चाहिये। दीनदयाल अस्पताल में कम स्टाफ का रोना रोया जा रहा है। जबकि दो माह पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने इस अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिये थे। इन सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जाय। ताकि शासन प्रशासन की छवि खराब न हो और आम जनता को इसका लाभ मिल सके। डीएम चंद्रभूषण ङ्क्षसह ने सभी व्यवस्थाओ को दुरुस्त कराये जाने का आश्वासन दिया।
कोविड को हराने में सहयोग करे जनता-विधायक
विधायक कोल अनिल पाराशर ने कहा है कि यह साल कोरोना को हराने का साल है। इसे हराने में जनता स्वयं सहयोग करे। बेवजह बाजारों में न घूमें। अधिकांश काम मोबाइल आदि से निपटायें और बहुत जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें। पुलिस एवं प्रशासन का सहयोग करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।