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अलीगढ़ : मिनी छपरौली को दिलाई दादा की याद...चौधरियों से मांगा अखिलेश के लिए साथ

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इगलास में आयोजित सपा-रालोद की संयुक्त परिवर्तन रैली में मंचासीन सपा के राष्ट्रीय महासचिव सलीम श? - फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
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मिनी छपरौली के नाम से विख्यात किसान नेता पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह की कर्मभूमि इगलास में सपा-रालोद गठबंधन द्वारा भाजपा की चाल पर दांव खेला गया है। किसान दिवस पर आयोजित परिवर्तन संकल्प रैली में रालोद मुखिया जयंत चौधरी और बिना आए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने चौ.चरण सिंह को भारत रत्न की मांग उठाकर भाजपा द्वारा खेले गए राजा महेंद्र प्रताप विश्वविद्यालय कार्ड पर निशाना साधा है।
जयंत ने जाटलैंड के चौधरियों से भावनात्मक तरीके से जुड़ते हुए अपने दादा की याद दिलाई। कहा कि उन्हें भाजपा सरकार ने सम्मान नहीं दिया। साथ ही सवाल किया कि क्या आप मेरे दादा और मेरे पिता की तरह मुझे अपना साथ देंगे या नहीं देंगे। इस सवाल के जवाब में उन्होंने भीड़ से हाथ उठवाकर अखिलेश के लिए साथ मांगा।
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यह तथ्य किसी से छिपा नहीं है कि किसान नेता के रूप में देश दुनिया में विख्यात रहे पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह का जाटलैंड की इगलास सीट से गहरा नाता रहा है। इस सीट से उन्होंने खुद अपनी पत्नी व बेटी तक को विधायक बनाया। इस सीट पर वे इतने सक्रिय रहते थे कि इसे मिनी छपरौली कहा जाता था।
इसी सीट पर 2019 के उपचुनाव में रैली करने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इगलास से सटे मुरसान के जाट राजा महेंद्र प्रताप के नाम से राज्य विश्वविद्यालय की घोषणा कर जाटों में नाराजगी दूर करने का ट्रंप कार्ड खेला। इस साल इस विश्वविद्यालय की इगलास क्षेत्र में ही पलवल रोड पर खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में आधारशिला रखी और राजा महेंद्र प्रताप के नाम पर पश्चिमी यूपी के नाराज जाटों को साधने का भरपूर प्रयास किया।
सियासी जानकारों का मानना है कि भाजपा के इसी ट्रंप कार्ड पर अपना दांव चलने के लिए सपा-रालोद गठबंधन ने इगलास में चुनाव से ऐन पहले यह रैली आयोजित की। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों से अखिलेश नहीं आ सके। मगर इस गठबंधन के दोनों अगुवाओं में से अखिलेश ने चरण सिंह को भारत रत्न की मांग उठाकर और जयंत ने किसानों के नेता चरण सिंह को इस सरकार में सम्मान न मिलने का आरोप उछालकर अपना दांव चल दिया है।
जयंत ने कहा 2017 के चुनाव में अमित शाह ने चौधरी साहब के नाम पर किसान सम्मान योजना चलाने का एलान किया। मगर आज तक कोई योजना शुरू नहीं हुई। उन्होंने दूसरी बात यह कही कि चौधरी साहब के बताए रास्ते पर हर किसी के लिए चल पाना संभव नहीं, बल्कि भाजपाइयों के लिए तो कतई असंभव है। अब यह दाव आने वाले चुनाव में क्या असर दिखाएगा, यह भविष्य ही तय करेगा।
भावनात्मक अनुरोध...अजित सिंह बिना पहली बार मना रहा किसान दिवस
रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत राम राम सा से करते हुए इगलास के चौधरियों से जुड़ने का पूरा प्रयास किया। उन्होंने अपनी बात बेहद भावनात्मक अनुरोध से शुरू की। उन्होंने कहा कि अब से पहले किसान दिवस पर बड़े बड़े आयोजन हरियाणा, राजस्थान, सादाबाद व मेरठ की धरती पर हुए हैं। हर वर्ष 23 दिसंबर को हम लोग एकत्रित होते थे और चौधरी साहब को श्रद्धांजलि देते थे।
भविष्य पर चर्चा करते थे। मगर यह पहला मौका है कि 23 दिसंबर को विशाल आयोजन चौधरी साहब की कर्मभूमि अलीगढ़ के इगलास, जिसे आप मिनी छपरौली नाम देते हैं, में हो रहा है। इस दौरान उनके पिता यानी चौ.अजित सिंह के साथ चलने वालों और खुद मेरे लिए ये भावुक पल है कि उनके बिना पहली बार किसान दिवस मनाया जा रहा है।
आज अजित सिंह हमारे बीच नहीं हैं। मैं इस मौके पर पूछने आया हूं कि आपने अजित सिंह को करीब से देखा है। उनका भरपूर सहयोग देकर आशीर्वाद दिया है, जिस तरीके से आप उनके साथ थे, क्या आप मेरा साथ व सहयोग देंगे? मुझे आशीर्वाद देंगे या नहीं? इस पर पब्लिक ने हाथ उठाकर व शोर मचाकर जवाब दिया।
ऐसे मांगा अखिलेश के लिए साथ
इससे आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ में अखिलेश बैठे हैं। उन्हें आज यहां आना था। नहीं आ सके। लेकिन ये सब को अहसास हो गया हो, जब हमने व उन्होंने हाथ मिलाया है। चौधरी चरण सिंह के समय खड़ा किया गया पुराना समीकरण लौटाने के लिए हाथ मिलाया है। कहीं वे काम करेंगे, कहीं मैं। कहीं दोनों मिलकर काम संभालेंगे। ये साझी लड़ाई है। इसलिए आपके साथ की जरूरत है। आप साथ देंगे तो हम मजबूत होंगे।
इगलास की चमचम पर दिया बात को विराम
जयंत ने करीब 21 मिनट के संबोधन में अपनी बात को विराम देते हुए कहा कि इगलास की चमचम बेहद मशहूर है। अगर आप इगलास से विधायक और प्रदेश से विधायक जिताकर भेजेंगे तो इगलास की चमचम खाने जरूर आऊंगा। चाहे डायबिटीज क्यों न हो जाए, मगर जरूर खाऊंगा।
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सरकारी नौकरी में अलीगढ़ के युवाओं पर होगी विशेष नजर
सरकार बनने पर एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने के मुद्दे पर जयंत ने कहा कि उनकी नजर अलीगढ़ के युवाओं पर विशेष तरह से होगी। यहां के युवाओं का ध्यान रखा जाएगा।
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