रविवार को अलबरकात स्कूल के सामने आलू के ठेले को धक्का देकर ले जा रहे दोनों भाइयों ने बताया कि वह मस्जिद के पास रहते हैं। अम्मी अफसाना घर में बीमार हैं। अब्बू शब्बीर एक महीने पहले ही बीमारी से चल बसे। उस वक्त भी बहुत संकट झेला था।
जब घर में खाने को कुछ नहीं बचा और भूखे मरने की नौबत आई तो पड़ोसियों से मशवरा कर आलू बेचने निकल पड़े हैं, जो कमाते हैं उसमें ही गुजारा कर रहे हैं। रविवार को उनका दोस्त तालिब भी उनके साथ गया था। ये बच्चे कहते हैं कि वो हर सुबह ऊपरवाले से करम की दुआ मांगते हैं और घर से निकल पड़ते हैं।