लॉकडाउन से प्रभावित हुए हजारों स्ट्रीट वेंडरों को दस हजार रुपये का लोन देकर दोबारा से पांव पर खड़ा करने की योजना जमीन पर उतर चुकी है। लीड बैंक मैनेजर कार्यालय रेलवे रोड के अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार जिले में 269 वेंडरों को अब तक ये लोन दिया जा चुका है, जो अलग अलग बैंकों से दिया गया है। नगर निगम और डूडा के माध्यम से पंजीकृत वेंडरों के आवेदन बैंकों तक पहुंच रहे हैं। इधर, स्टेट बैंक में भी 20 जुलाई के बाद इसका वितरण शुरू होने वाला है।
दस हजार रुपये की इस लोन योजना में वेंडर को महज 39 रुपये रोज की किस्त अदा करनी है, जो महीने में 855 रुपये की होती है। इसलिए वेंडर नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं। नगर निगम से पंजीकरण होने के बाद वह किसी भी बैंक शाखा से ये लोन करा सकते हैं। बिना किसी गारंटी के लोन देने के सरकार के इस फैसले से वेंडरों को दस हजार रुपये आसानी से मिल जाएंगे। जिससे वह अपना कामकाज दोबारा से चला पाएंगे। इस योजना में 9.90 फीसदी सालाना ब्याज देय होता है लेकिन सात फीसदी ब्याज का भार केंद्र सरकार वहन करेगी। ऐसे में केवल 2.90 फीसदी का ब्याज ग्राहक को देना होगा। जिससे 10 हजार रुपये का एक साल का ब्याज महज तीन सौ बनता है।
इस तरह से दस हजार रुपये के लोन की एक सामान 12 किस्तें लगभग 855 रुपये की बनती है। महीने में 855 रुपये (पांच दिन के बाजार को जोड़े तो महीने में केवल 22 दिन वेंडर काम कर रहा है, ऐसे में उसको 39 रुपये रोज की किस्त देनी है) की एक साधारण किस्त मुश्किल नहीं है। गौर हो कि अकेले अलीगढ़ नगर निगम कार्यालय में लगभग तीन हजार वेंडर पंजीकृत है, जबकि शहर में इनकी संख्या दस हजार से कहीं अधिक है। योजना के बाद वेंडरों के नगर निगम में पंजीकरण कराने की संख्या भी बढ़ी है। नगर निगम में लगातार इसके लिए आवेदन आ रहे हैं।
ये योजना स्ट्रीट वेंडरों के लिए वरदान है। 20 जुलाई से एसबीआई की शाखाओं में आए हुए प्रस्तावों पर लोन मिलने लगेगा। दस हजार रुपये का लोन समय अवधि के अंतर्गत 12 महीने में चुकाने वालों को आगे पात्रता के आधार पर मुद्रा लोन मिल सकेगा। जिसमें 50 हजार रुपये तक लोन दिया जाएगा।
संजय कुमार पचौरी, चीफ मैनेजर एसबीआई रीजनल आफिस।
स्ट्रीट वेंडरों को अधिक से अधिक इस योजना का लाभ लेकर अपने काम को आगे बढ़ाने का मौका है। जिसमें सभी बैंक कर्मी उनकी मदद कर रहे हैं। किसी साहूकार से कर्ज लेने से ये लोन बेहद आसान और सुरक्षित है।
अतुल कुमार सिंह, कैनरा बैंक आफिसर्स एसोसिएशन।