अलीगढ़ में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। 15 से अधिक लोगों का उपचार चल रहा है। मृतकों की आंख की रोशनी गई थी या नहीं, इस संबंध में अभी अधिकारी स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं। जनपद में जहरीली शराब (मिथाइल अल्कोहल) पीने से अब तक 89 लोगों की मौत हो चुकी है। गंभीर रूप से बीमार लोगों का जेएन मेडिकल कॉलेज, मलखान सिंह जिला अस्पताल एवं वरुण ट्रॉमा सेंटर में उपचार चल रहा है। इनमें से कई लोग स्वस्थ होकर घर चले गए हैं।
जेएन मेडिकल कॉलेज एवं वरुण ट्रॉमा सेंटर में अभी भी करीब 15 लोगों का उपचार चल रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी ने बताया कि कई मरीज ऐसे हैं, जिनको शुरू से ही दिखाई देने में दिक्कत हो रही है। ऐसे 12-13 मरीज का उपचार जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
कुछ वरुण ट्रॉमा सेंटर में हैं। इनमें से अधिकतर मरीज ठीक हो रहे हैं। दो-तीन मरीज ऐसे हैं, जिनमें इम्प्रूवमेंट नहीं है। उन्हें दिखाई नहीं दे रहा है। सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टतया 35 लोगों की मौत का कारण जहरीली शराब माना जा रहा है। सीएमओ अभी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि मृतकों की आंख की रोशनी गई थी या नहीं।
जहरीली शराब से बीमार छह लोगों का उपचार मेरी यूनिट में चल रहा है, जिनमें से दो की आंख की रोशनी चली गई है। चार लोग ठीक हो रहे हैं और पहले से काफी सुधार है। कुछ मरीज दूसरी यूनिट में हैं।
-डॉ. जिया सिद्दीकी, नेत्र विभाग, जेएन मेडिकल कॉलेज
जहरीली शराब के 18 केस वरुण ट्रॉमा में आए थे। 16 ठीक होकर चले गए। अभी दो मरीज हैं। दो-तीन मरीजों ने धुंधला दिखाई देने की शिकायत की थी, जो उपचार के बाद ठीक हो गए।
- डॉ. संजय भार्गव, वरुण ट्रॉमा
मिथाइल अल्कोहल शरीर के लिए बहुत खतरनाक होता है। आंख की रोशनी एवं लिवर को सीधे नुकसान पहुंचाता है। ऑप्टिक नर्व एट्रोफी की वजह से ब्रेन से सिग्नल आना बंद हो जाता है और स्थायी रूप से आंखों की रोशनी जा सकती है। मेटाबोलिक एसिडोसिस की वजह से जान जा सकती है।
- डॉ. भरत वाष्र्णेय, सचिव, पैथोलॉजिस्ट