कस्बा हरदुआगंज में गल्ला मंडी के सामने एक माह पहले हुई फैक्टरी सुपरवाइजर कालीचरन की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अभी एक आरोपी फरार है। यह हत्या फैक्टरी के सामने के ढाबा संचालक और फैक्टरी से निकाले गए कुछ कर्मचारियों ने कालीचरन से अपनी खुन्नस निकालने के इरादे से सुपारी देकर कराई थी। आरोपियों से आला कत्ल बरामद कर जंगल से हत्या में प्रयोग करने के बाद जलाई गई बाइक भी बरामद कर ली है।
दो दुश्मनों ने खुन्नस निकालने के लिए बनाया हत्या का प्लान
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल शर्मा ने शुक्रवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि तीन जुलाई को हुए कालीचरन हत्याकांड में पुलिस ने शक पर तालानगरी में ढाबा चलाने वाले मुकेश पुत्र खचेरू सिंह निवासी देवसैनी मोड़ मोहन नगर क्वार्सी को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस पूछताछ में वह टूट गया और कालीचरन की हत्या की बात स्वीकारते हुए पूरी कहानी बता दी। उसने बताया कि उसके ढाबे पर रैडिस कंपनी में बतौर सुपरवाइजर कार्यरत कालीचरन पुत्र मुरारीलाल निवासी हरदुआगंज खाना खाने आता था। एक दिन गलती से उसके कपड़ों पर दाल/सब्जी के छींटे पड़ गए, जिससे आगबबूला होकर कालीचरन ने अपने कुछ साथी बुलाकर उसके साथ मारपीट कर दी और तोड़फोड़ करते हुए ढाबा हटाने व जान से मारने की धमकी दे डाली। तभी से कालीचरन खटकने लगा। इसी बीच उसकी मुलाकात कालीचरन द्वारा फैक्टरी से निकलवाए गए भोला पुत्र भगवान शर्मा निवासी चिरकुला गभाना व दिलीप पुत्र मंगल सिंह निवासी प्रीतम विहार क्वार्सी से हो गई। तीनों ने अपना दुख बांटते हुए कालीचरन से बदला लेने का प्लान बनाया और योजना के तहत भोला व दिलीप ने मुकेश को एक लाख रुपये में कालीचरन की हत्या की सुपारी देते हुए पचास हजार रुपये एडवांस भी दिया।
तीन बार सुपारी, तब जाकर हुई कालीचरन की हत्या
रुपये मिलते ही मुकेश ने हत्या के लिए हेमंत पुत्र राजू कश्यप निवासी लोधी विहार क्वार्सी को 35 हजार रुपये एडवांस देकर कालीचरन की सुपारी दी। मगर हेमंत यह काम नहीं कर पाया तो मुकेश ने हेमंत की मदद से देवसैनी निवासी गौरव पुत्र कलियान को सुपारी दी। गौरव ने अपने साथी सचिन पुत्र नरेन्द्र व मुकेश पुत्र लक्ष्मण सिंह को यह काम सौंपते हुए बाइक व तंमचा उपलब्ध कराया और 26 हजार रुपये एडवांस देकर शेष रुपये काम होने के बाद देने का वायदा किया। इसके बाद एक जुलाई को दिलीप व भोला ने शूटरों को कालीचरन की पहचान कराई। इसके बाद शूटर मुकेश व सचिन ने इस हत्या को अंजाम दिया। घटना के बाद हत्या में प्रयुक्त बाइक को देवसैनी के जंगल में आग लगाकर से जला दिया गया और दोनों लोग मुजफ्फरनगर चए गए।
ढाबा संचालक के बयान पर हुईं छह गिरफ्तारियां
ढाबा संचालक मुकेश के कुबूलनामे के बाद हत्याकांड में शामिल रहे मुकेश पुत्र लक्ष्मण, सचिन पुत्र नरेन्द्र, मुकेश पुत्र खचेरू सिंह निवासीगण देवसैनी थाना क्वार्सी, भोला पुत्र भगवान शर्मा निवासी ग्राम चिरकुला थाना गभाना, दिलीप पुत्र मंगल सिंह निवासी प्रीतम विहार थाना क्वार्सी, हेमन्त पुत्र राजू कश्यप निवासी लोधी विहार क्वार्सी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि गौरव पुत्र कल्यान सिह निवासी दैवसैनी फरार है। पकडे गये आरोपियों की निशानदेही पर जंगल से जली हुई बाइक बरामद की गई व हत्या में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा मय खोखा व एक पिस्टल मय जिंदा कारतूस बरामद कर लिया गया है। सभी को शाम को जेल भेज दिया गया।
खुलासे में ये रही टीम
गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष संदीप कुमार, एसआई अवधेश कुमार, एसआई कपिल देव, एसआई जितेन्द्र कुमार, एसआई सचिन कुमार, हवलदार श्याम सिंह, हवलदार शीलेन्द्र सिंह आरक्षी आदेश कुमार, आरक्षी सागर मलिक शामिल रहे।