डेंगू से जंग जीतने के लिए एलाइजा टेस्ट एवं प्लेटलेट्स सबसे जरूरी है। चिंता की बात यह है कि मलखान सिंह जिला अस्पताल में जंबो पैक की सुविधा नहीं है। वहीं पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में एलाइजा टेस्ट नहीं हो रहा है।
पिछले वर्ष डेंगू की चपेट में आए थे 441 लोग : मथुरा और फिरोजाबाद सहित आसपास के कई जनपदों में डेंगू, बुखार, स्क्रफ टाइफस और लेक्टो स्पायरोसिस का प्रकोप है। इसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई। जनपद में अब तक डेंगू के आठ मरीज सामने आए हैं। बुखार पीड़ितों की संख्या तो सैकड़ों में है। जनपद में हालात काबू में है। लेकिन यह भी ध्यान रखना है कि सितंबर एवं अक्तूबर के महीने में डेंगू, मलेरिया एवं अन्य संचारी रोगों का प्रकोप सबसे अधिक होता है। पिछले वर्ष जनपद में डेंगू के ही 441 केस सामने आए थे।
डेंगू की पुष्टि के लिए इलाइजा टेस्ट जरूरी
डेंगू की जांच एवं पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट जरूरी है। जनपद में सरकारी अस्पतालों में सिर्फ जेएन मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पताल में इसकी सुविधा है। पं. दीनदयाल अस्पताल में एलाइजा टेस्ट नहीं हो रहा है। यहीं कारण है कि जनपद में अब तक 191 एलाइजा टेस्ट हुआ है। स्क्रब टाइफस एवं लेक्टो स्पायरोसिस की जांच जिला अस्पताल में नहीं होती।
मरीज बढ़ने पर प्लेटलेट्स की हो जाती है कमी : डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेटलेट्स चढ़ाने की नौबत आ जाती है। अभी डेंगू के केस कम है, इसलिए ब्लड बैंक पर ज्यादा दबाव नहीं है। मरीज बढ़ने पर सबसे अधिक मांग प्लेटलेट्स की होती है।
अभी फिरोजाबाद में डेंगू के मरीज एवं उनके तीमारदार दूसरे जनपद में प्लेटलेट्स के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। सरकारी स्तर पर जेएन मेडिकल कॉलेज एवं मलखान सिंह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की सुविधा है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में सीमित संख्या में ही प्लेटलेट्स बैग तैयार हो रहे हैं। यहां पर जंबो पैक की सुविधा नहीं है।
कब पड़ती है जंबो पैक की जरूरत : जंबो पैक की जरूरत शरीर में प्लेटलेट्स कम होने पर पड़ती है। इससे एक बार में 80 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ जाती है। गंभीर मरीजों को इसकी जरूरत पड़ती है। छोटे पैक से चार से पांच हजार प्लेटलेट्स बढ़ते हैं।
प्राइवेट लैब में 11 से 16 हजार के बीच जंबो पैक
प्राइवेट लैब में प्लेटलेट्स बहुत महंगे होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए खरीदना आसान नहीं होता। बाजार में जंबो पैक की कीमत 11 से 16 हजार के बीच होती है। इसी तरह एलाइजा टेस्ट भी काफी महंगे हैं। प्राइवेट लैब में 1500 से 2000 रुपये में एलाइजा टेस्ट के लिए लगते हैं।
डेंगू मरीजों की पहचान एवं उपचार के लिए एलाइजा टेस्ट एवं प्लेटलेट्स सबसे जरूरी है। बुखार होने पर चिकित्सक पहले सीवीसी व मलेरिया की जांच कराते हैं। इससे प्लेटलेट्स, हीमोग्लोबिन और डब्लूवीसी का पता चल जाता है। मलेरिया निगेटिव एवं प्लेटलेट्स कम पाए जाने पर डेंगू टेस्ट का परामर्श दिया जाता है।
- डॉ. भरत वार्ष्णेय, पैथोलॉजिस्ट एवं सचिव आईएमए
जंबो पैक की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय अधिकारियों एवं शासन को लिखा गया है। जल्द ही ब्लड बैंक में जंबो पैक की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है। जंबो पैक की सुविधा उपलब्ध होने पर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
- डॉ. रामकिशन, सीएमएस, मलखान सिंह जिला अस्पताल
मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। स्क्त्रस्ब टाइफस एवं लेक्टो स्पायरोसिस की जांच जेएन मेडिकल कॉलेज में होती है। दीनदयाल अस्पताल में एलाइजा टेस्ट एवं जिला अस्पताल में जंबो पैक मशीन लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
- डॉ. आनंद उपाध्याय, सीएमओ