सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्माण के आरोप में फंसे जादौन इंफ्राटेक के एमडी योगेंद्र पाल सिंह बंटी ने इस मामले में जिले के एक भाजपा नेता पर प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है। शनिवार को निर्माणाधीन प्रोजेक्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नगर निगम से 1926 में भारतीय राजदूत एम.हैदर खां ने अलीगढ़ म्युनिसिपल बोर्ड के चेयरमैन से जमीन का बैनामा कराया था।
उनके वंशजों से हमने 2018 में अपने पक्ष में बैनामा कराया। 2 करोड़ की धनराशि जमा कर एडीए से नक्शा लिया। नगर निगम, फायर, प्रदूषण, सीलिंग आदि से भी एनओसी लीं। कोठी के रूप में दर्ज इस संपत्ति से आज तक नगर निगम गृहकर वसूलता रहा है। अचानक एक गुमनाम शिकायत पर तहसीलदार, लेखपाल व सिटी मजिस्ट्रेट ने इस मामले की जांच में कागजों पर बात नहीं की।
उनका कहना है कि सिर्फ 1970 से 1981 तक के दस्तावेज तहसील व राजस्व रिकार्ड से गायब हैं। उससे पहले के और उसके बाद के सभी रिकार्ड हमारे पास मौजूद हैं। दस्तावेज गायब वाली अवधि के रिकार्ड में इस संपत्ति को सरकारी दिखाया जा रहा है। अगर हमारा पक्ष नहीं सुना गया तो सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे।
उनका कहना है कि छह माह से हिस्सेदारी के लिए धमकियां मिल रही हैं। यहां तक कहा कि रिश्ते में बहनोई ठा. दलवीर सिंह विधायक नहीं रहे। अब तुम्हारी मदद कौन करेगा। जब बात नहीं मानी तो जिले के एक भाजपा नेता की मदद से प्रशासन पर दबाव बनाकर यह कार्रवाई की गई है। इस मौके पर भाजपा के पूर्व विधायक के पौत्र विजय कुमार सिंह, अर्जुन सिंह फकीरा, बिल्डर राजीव शर्मा आदि मौजूद थे।
- पूरा प्रोजेक्ट नियमानुसार बनाया जा रहा है। मैं इस प्रोजेक्ट में हिस्सेदार हूं। मुझे भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। सब कुछ राजनीतिक साजिश के तहत हो रहा है। दादाजी (ठा.दलवीर सिंह) के साथ सोमवार को लखनऊ में अपनी पूरी बात रखी जाएगी। सच सभी के सामने लाया जाएगा। जो लोग इसके पीछे हैं, उन्हें भी बेनकाब किया जाएगा। -विजय सिंह, पौत्र ठा.दलवीर सिंह
आरोप बेबुनियाद, जांच के बाद हुई है कार्रवाई : एडीएम
एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल ने मीडिया को बताया कि एक शिकायत के आधार पर जांच चल रही है। पहली जांच में ही सरकारी जमीन पर निर्माण पाया गया है। उसी आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि डीएम के नाम दर्ज गाटा संख्या 520, आरोपियों के बैनामे में अंकित नहीं है। मगर डीएम के नाम दर्ज गाटा संख्या 520 की 576 एयर जमीन पर इस कंपनी का निर्माण होता पाया गया है। उसी आधार पर उच्चस्तरीय जांच के बाद ये कार्रवाई हुई है। आरोप बेबुनियाद हैं। कोर्ट से भी दूसरा पक्ष एक बार हार चुका है।
निवेशकों में खलबली, घनघना रहे कंपनी हिस्सेदारों के फोन
जादौन इंफ्राटेक.के वैष्णो क्रिस्टल अपार्टमेंट में जिन निवेशकों ने अपना धन लगाकर बुकिंग कराई है। वे बेहद परेशान हैं। शनिवार सुबह समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद से कंपनी हिस्सेदारों के फोन घनघना रहे हैं। लोग कंपनी की साइट पर भी पहुंचे, जहां उन्हें समझाकर वापस किया गया। फोन पर भी संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। सभी को धैर्य रखने को कहा जा रहा है।