अभिषेक तायल, अलीगढ़।
कोरोना संक्रमण के चलते विदेश में प्रवास कर रहे भारतीय वतन वापसी की राह देख रहे हैं। विमान का किराया ज्यादा होने और एयरपोर्ट पर पाबंदियों के चलते वह अपने परिजनों से मिलने को तरस रहे हैं। हालांकि, वीडियो कॉलिंग के माध्यम से वह अपने परिजनों से बात कर हाल-चाल लेते रहते हैं।
रूस-यूक्रेन विवाद ने भी विदेश में रहने वाले भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है। उन्हें डर है कि कहीं विदेश में फंसकर न रह जाएं। कोरोना संकट के बीच शहर निवासी एक परिवार दो साल बाद ओमान से अलीगढ़ आया, जिसने आपबीती बयां की। शुक्रवार को ओमान से अलीगढ़ आए मेडिकल रोड स्थित गुलजार अपार्टमेंट निवासी असद ने बताया कि वह 18 साल से ओमान में ऑयल लुब्रिकेंट का व्यापार करते हैं।
उनकी पत्नी नुजहत और एक वर्षीय बेटा जुहान भी उनके साथ रहता है। मार्च 2020 में लॉकडाउन के बाद से वह ओमान में ही फंस गए थे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया दो से तीन गुना तक हो गया। एयरपोर्ट पर प्रवेश से पहले कोरोना जांच करानी पड़ती थी।
अगर आप पॉजिटिव आए तो टिकट का पैसा भी वापस नहीं मिलता था। ऐसे में लाखों रुपये बर्बाद होने का खतरा भी था। उन्होंने बताया कि रूस यूक्रेन संकट के बाद खाड़ी देशों में निवास कर रहे भारतीयों में भी चर्चा का दौर गर्म है। अब कोरोना का खतरा कम हो गया है, ऐसे में सरकार को उड़ानों का किराया कम कर देना चाहिए, जिससे लोग अपने परिजनों से मिल सकें।
दो साल से कोरोना के कारण ओमान में फंसा हूं। उड़ानों का किराया बहुत ज्यादा है। यहां एक निजी कंपनी में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात हूं। सरकार से गुजारिश है कि उड़ानों को नियमित रूप से चलाए, जिससे हम लोग अपने परिजनों से मिल सकें। - तारिक, आमिर निशा, (वर्तमान में ओमान)
कोरोना काल में करीब डेढ़ साल पहले स्पेन आए थे। यहां टीचिंग के साथ-साथ पढ़ाई भी चल रही है। उड़ानों का किराया काफी ज्यादा है। इसे कम होना चाहिये क्योंकि अब तो कोरोना भी खत्म हो गया है। रूस-यूक्रेन विवाद के कारण लोग चिंतित हैं। - ईशा खानम, मांमू भांजा, (वर्तमान में स्पेन)
ये हैं पाबंदियां
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया ज्यादा होना
- एयरपोर्ट पर कोरोना के चलते कई पाबंदियां
- एयरपोर्ट में प्रवेश से पहले तीन से चार हजार रुपये की आरटीपीसीआर जांच होना
- जांच में पॉजिटिव आने पर टिकट का कोई पैसा वापस न मिलना
- अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की तादाद कम होना
15 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नियमित होने की संभावना
कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू होने की संभावना है। सरकार इस पर फैसला ले सकती है। कोविड मामलों में लगातार गिरावट को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के परामर्श के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय 15 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने और किराया पहले की तरह करने का फैसला ले सकता है।