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अलीगढ़ : अपना वजूद बचाना है तो पांच बच्चे पैदा करो : विनीत शारदा

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अलीगढ़ : आगरा रोड स्थित कैलाश फार्म हाउस में आयोजित अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद 14वें राष्ट्रीय अ? - फोटो : CITY OFFICE
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के 14वें राष्ट्रीय अधिवेशन में रविवार को भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा विवादित बयान दे गए। उन्होंने परिवार नियोजन के ‘हम दो, हमारे दो’ के नियम को सौतेला बताते हुए कहा कि अब हमें ‘हम दो, हमारे पांच’ का सिद्धांत अपनाना होगा। वरना एक दिन हमारे वजूद, हमारी बड़ी-बड़ी इमारतों पर खतरा खड़ा हो जाएगा। इतना ही नहीं, देश में दूसरे पाकिस्तान की मांग खड़ी होगी और हमें दूसरा पाकिस्तान बनाना पड़ेगा।
बतौर मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आने से पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष विनीत अग्रवाल शारदा ने कहा कि मेरा साफ कहना है, सरकार एक नियम बना दे, जनसंख्या बढ़ रही है, हम भी साथ हैं। हम दो हमारे दो के सिद्धांत में सौतेला व्यवहार न हो। मुसलमान कहते हैं, मैं एक, मेरी तीन और मेरे अठारह। हम कहते हैं हम दो, हमारे दो। जब देश आजाद हुआ था वे कितने थे, हम कितने थे, आज हम कितने रह गए हैं? वे कितने हो गए हैं? 25 साल के बाद क्या होगा? फिर भारत माता रोएगी। दूसरे पाकिस्तान की मांग उठेगी। इसीलिए हम कहते हैं कि वैश्य समाज हम दो हमारे दो के सिद्धांत को खत्म करे।
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हम दो, हमारे पांच का सिद्धांत अपनाए। जिनमें से एक बच्चे को राजनीतिक ज्ञान, एक बच्चे को बहन बेटियों की रक्षा के लिए लोहा (हथियार) खरीदना सिखाएं। एक बच्चे को आईएएस, डॉक्टर, इंजीनियर बनाकर भारत में रहने की शिक्षा दे। एक बच्चे को व्यापारिक शिक्षा देकर व्यापार करना सिखाएं। एक बच्चे को इस देश की रक्षा के लिए सेना में भेजें।
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उन्होंने कहा कि पांच बच्चों का आह्वान इसीलिए भी है कि 25 साल के बाद हमारे बच्चे हमसे पूछेंगे? क्योंकि सारे रिश्ते खत्म हो जाएंगे। ताऊ किसको कहते हैं? चाचा किसको कहते हैं? मामा किसको कहते हैं? बुआ किसको कहते हैं? हमें रिश्ते खत्म नहीं करने हैं। आगे कहा, मेरे पिता सात भाई बहन थे। हम जिनके वंशज हैं, महाराजा अग्रसेन के 18 पुत्र थे। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चार भाई थे। आखिर हम क्यों एक दो पर अटके हैं। जनसंख्या नियम बना है तो सरकार सभी के लिए बना दे। वरना तब तक वैश्य समाज से अपील है कि हम दो हमारे पांच के सिद्धांत को अपनाए।
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