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रद्द की जाए इरफान हबीब की प्रोफेसर एमेरिटस की उपाधि

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केरल के कन्नूर विश्वविद्यालय में राज्यपाल के मंच से प्रो. इरफान हबीब को हटाते अधिकारी। - फोटो : CITY OFFICE
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कन्नूर विश्वविद्यालय में भारतीय इतिहास कांग्रेस के अधिवेशन में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के विरोध से कड़ाके की सर्दी में भी अलीगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भाजपा के जिला प्रवक्ता डॉ. निशित शर्मा ने मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखकर प्रो. इरफान हबीब की प्रोफेसर एमेरिटस की उपाधि रद्द करने व एएमयू कैंपस में प्रवेश करने पर रोक लगाने की मांग की है।
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डॉ. निशित शर्मा ने पत्र में लिखा है कि केरल के राज्यपाल का विरोध करने वाले प्रो. इरफान हबीब अरबन नक्सल की भूमिका निभा रहे हैं। एएमयू के छात्रों को भड़काकर हिंसक घटनाएं कराने में यहां के शिक्षकों का विशेष योगदान रहता है। प्रो. इरफान हबीब ने सार्वजनिक मंच पर राज्यपाल के साथ अभद्रता की। प्रोफेसर एमेरिटस रहते हुए वह एएमयू में सदैव हिंदू समुदाय, हिंदू धर्म और राष्ट्र के पति समर्पित संगठन राष्ट्रीय स्वयं संघ के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। गौरवशाली राजाओं की छवि धूमिल करने एवं आक्रमणकारी मुगल साम्राज्य की छवि महिमामंडित करने का कार्य इनके द्वारा किया जाता है।
बुद्धिजीवियों द्वारा केरल के राज्यपाल के साथ अभद्र्रता एवं अमर्यादित व्यवहार से देश स्तब्ध है। यह कृत्य संवैधानिक पद का निर्लज्जतापूर्ण किया गया अपमान है। यह और भी चिंताजनक है कि जब प्रो. इरफान हबीब जैसे लोग राज्यपाल को बोलने से रोककर अभिव्यक्ति की आजादी का अपहरण करते हैं। साथ ही उनके भाषण को मौलाना अब्दुल कलाम के स्थान असंदर्भित प्रसंग देकर विषय को भटकाने की कुचेष्टा करते हैं। उनके द्वारा सुरक्षाकर्मी के साथ धक्कामुक्की किया जाना और भी दुर्भाग्यपूर्ण है।
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- डॉ. बिशन बहादुर सक्सेना, इतिहासकार
भारतीय इतिहास कांग्रेस के अधिवेशन में राज्यपाल के साथ प्रो. इरफान हबीब द्वारा किया गया व्यवहार अशोभनीय एवं अलोकतांत्रिक है। प्रो. इरफान हबीब अभिव्यक्ति की आजादी के संघर्ष के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा राज्यपाल को बोलने से रोकने का प्रयास अलोकतांत्रिक कार्य है। आरिफ मोहम्मद खान प्रगतिशील मुस्लिम विचाराधारा के अग्रणी बुद्धिजीवी व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं। ऐसे व्यक्ति के साथ प्रो. हबीब का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।
- डॉ. रक्षपाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष औटा एवं डीएस कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. भरत सिंह का संयुक्त बयान
इस देश में संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा के व्यक्तियों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। प्रो. इरफान हबीब जैसे लोगों के कारण एएमयू से मन्नान वानी जैसे छात्र निकल कर आ रहे हैं। प्रो. हबीब राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे व्यक्ति को फांसी की सजा होनी चाहिए।
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- अशोक पांडेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता, हिंदू महासभा
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