जिन सफाई कर्मचारियों को गांव में सफाई करनी चाहिए, साहब उनसे घर और ऑफिस में चाकरी करा रहे हैं। ग्राम पंचायतों में तैनात इन सफाई कर्मचारियों से ब्लाक में तैनात एडीओ पंचायत तक अपने घर में काम करा रहे हैं। डीएम ने इस स्थिति पर कठोर रुख अपनाया है। डीएम जांच करा रहे हैं कि कहां- कहां और कौन -कौन अधिकारी सफाई कर्मचारियों से नियम विरुद्घ काम करा रहा है।
शासनादेश के अनुसार प्रत्येक राजस्व ग्राम में एक सफाई कर्मचारी तैनात होना चाहिए। बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल और पूरी ग्राम पंचायत में सफाई करना उसकी जिम्मेदारी है। सफाई कर्मी गांव में सफाई कर रहा है हर माह ग्राम प्रधान इसकी रिपोर्ट देेंगे तब वेतन निकलेगा। इस शासनादेश के विपरीत जिले के करीब 125 सफाई कर्मचारियों को अधिकारियों ने अपनी निजी सेवा में लगा लिया है। कोई किसी साहब के यहां अर्दलीगीरी कर रहा है तो कोई घर में पानी भर रहा है। गांव में सफाई करने वाले इन कर्मचारियों से एडीओ पंचायत स्तर के अधिकारी भी घरेलू काम ले रहे हैं। गांवों की सफाई ध्वस्त होने पर प्रभारी कमिश्नर एवं डीएम डॉ. बलकार सिंह ने जांच करा रहे हैं।